दुनिया मे कोई भी भगवन से बड़ा (neither – nor =) नही होता
—————-
ख़ाली मईया की गोदी जैसे ख़ाली तो सारे ही सोने सा
और ख़ाली गोदी ही भगवन को ख़ाली -खती खा
इसी लिए भगवान सुरक्षित ख़ाली साक्षी सक्षम सा
mae ख़ाली हम_ili-tee _ring p_e_ce in()id u
दुनिया मे कोई भी भगवन से बड़ा (neither – nor =) नही होता
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ख़ाली मईया की गोदी जैसे ख़ाली तो सारे ही सोने सा
और ख़ाली गोदी ही भगवन को ख़ाली -खती खा
इसी लिए भगवान सुरक्षित ख़ाली साक्षी सक्षम सा
mae ख़ाली हम_ili-tee _ring p_e_ce in()id u
क्या
मा-वा का दुनिया से भरपूर रि-श()ता होता है
जो re()श्ते के अदर ही एक वा को खोता है
अपवित्र असुर ही अपने घर के अदर दुनिया के एक एक को उ-चा-चा रखते है
कहा यह गया मे एक तो ग्वाच ही गाया
_y _other is on _ause of m-y _app_ness
& गोदी तो होगी ही नाराज अदर के दामाद की pit_ness
a tr_e भरपूर fr_end_hip has un_ers_ood in()id
u
_et to be in()id un_er_tood by भरपूर t_ue f_iends_ip
()ach in()id u _oment is भरपूर beg-inning
0
en_ing in()id u t_ending /ever भरपूर men_ing
a भरपूर l_ve is a _ace in _hi()ch on-ly _other _ops
in()id on wor_d ()lop
दुनिया का(की) भरपूर ज़मीन भरपूर आसमान
भरपूर घर बसाते है अदर दुनिया का एक इम्तिहान
आधा जन्म भूल-आते है अदर भरपूर मे()मान
अदर ही भरपूर डुबाये भरपूर उभरे एक महान
तुम-हा-री | हम-आ-री
गोदी की अंदर की जोड़ी है कितनी -यारी
तु-मने हम()री ख़ाली याद को अंदर ही भु-लाया
अपने को ही बाहर रुस्वा भरपूर अदर पाया
उजड़ी हुई दुनिया मे कितने दिल भरपूर जुड़े है
जुड़े हुओ के अदर की भरपूर दुनिया ने ही दिल भरपूर उजाड़े है
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हस-रतो के दाग भरपूर ज़िम्मेदार
बस्ते है भरपूर मन्नतो के बाद भरपूर रस्ते आबाद
now tell lies b-y ys-lf
_ow cou_d u de_end godi’ free_om in()id
bie de_erting godi in()id y on hom eva_u@ing
ever-y1 o_serve on wor_d _oam
a भरपूर _other is bu_y in()id ho_se_old
_ork p_ating each सास का _ork
गोदी की छईया तो un-i-वर-s का ध्यान ही यही चखती
an in()id on wor_d in_or_ation _rave-l @ s_eed of y-0-s f_ight
in()id u ri_
_id u _hew s__ite
do()s _@er_ial un-i_erse _as de_ths of mat()r_al in()id
& no _a_erial on sur()ace _id
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