धनि धनि

फूली फली गोदी ख़ाली साँसो का धनि

शक्ति को पिलाते नारा का पानी मणि

आँखों में पूर्ण मईया की धवनि

गूंजे अंदर साँसो का ऋणी

ब्रह्माण्ड देखे इधर उधर

गोदी के आधे अणि