डटे डहो

अरे यह क्या कर रखा है
घर के भगवान को दमाद के
पेशाब मे खडा कर रखा है

शौचालय में भगवान नही होता
बगल के कमरे में छुप छुप छोटा

चंडाल को भी लगता डर
शक्ति का सारा दर

वास की भड़ास से भी बत्तर
दुयीया के असुर छत्तर