साद मे

जब आधा सास की अदर भरपूर भ()ददा की भरपूर ये()मियत है दुनिया के एक एक मे

तो आधे की ख़ाली बाधा की क्या ख़ाली न()सीयत गोदी मे


यह तो तु()हारा भगवन भी न जाने सीधे सास के सादे मे

आ-हा

हम(आ)रा आधे गोदी का सुर रखवाली ख़ाली माली खिलेगा
तुम-हारा आधा अपवित्र असुर भरपूर सास के अदर भिड़ेगा


गोदी के दिन रात का अपमान करने की तुम्हे कोई सजा नहीं मिलती
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मुहूर्त ख़ाली

ख़ाली मुहूर्त हेख खे खलियुग खा दिन दायां


आधे ख़ाली गिन गिन अंदर बाँवरी बायां


रात भरपूर रू-गले दिनरैन ख़ाली दिलाया


आधे ही अड़ा ते अड़ाया ख़ाली खाया

बूह बाते बक

मितने मूह मिटने माते
खितने खूह खिटने खाते
लितने लय लिटने लाते


तुम तो हमेश ही रहोगे गोदी के नत-मस्तक
तो क्या घर के भरपूर अदर एक-एक डरोगे
गोदी के इंसान की ख़ाली दस्तक


सोते जागते y-0-s in()id u के मरोड़ घर के अदर भरपूर हथोड़े दौड़

कायदा खुपड़े

आधे ख़ाली खमय खान खक खी खहि
खितने खरे खतरे खुपड़े


भरपूर भलयुग भय भसुर भपडे


बस-बस अब नहीं है भरपूर सास का फायदा
गोदी के अंदर है ख़ाली काली कमय कायदा

ह(र)जार

काल्कि का अंदर ख़ाली अवतार


gut मे प्रलय की लय का उप-चार


पुराणों मे न दिखा लिखावट का ख़ाली नार


सांसे ख़ाली अंदर अनंत आर-पर


ख़ाली घर अखंड भीतर आधार


ख़ाली टेक धरो दिव्यां-ज्योति के ह(र)जार

छी छोर सवा


ि छदा छोर छत-वाले छांटे
ख़ाली खोर खाट खाटे
दारू दौर दनदर दते
हिस्की हट हरपूर हटे हाँटे


कितने सवाल सास के सवा लाल
अदर ही भरपूर एक बाल
तो क्या _urg करने भी एक आधा साल
किसे बताते अदर भरपूर भाल