गोदी की चुपी से कुछ कुछ सारा होता है खटा खट
कच्ची ईंटे एक ही बारी में सफ(द-का)या चट
ताकि फिर से न भरे भरपूर in()id but2
गोदी की चुपी से कुछ कुछ सारा होता है खटा खट
कच्ची ईंटे एक ही बारी में सफ(द-का)या चट
ताकि फिर से न भरे भरपूर in()id but2
कब्र में डूबा भरपूर धढ़ बाहर निकाल के
gut संपूर्ण देवी की ख़ाली बुँदियो की
छुपी का भरपूर भायदा
भहाता भय
a_m()tea tree
no()thing _eave
ख़ाली माँ को नहीं जगाया
जगाने को भरपूर भाया
गाने गाने में भरपूर जग-माया
ख़ाली शक्ति में नहीं समाया
आधे ने नहीं रुलाया
जग में है साचा तेरा नाम
लो यकीन हो गया तुम्हारा भगवन भी
आधा तेरा ही है
तो क्या हमारी gut मईआ
आधी( )री
foo_s _ush in w_ere ange_s
f_ar to _read
—
angle’ _pace in()id gut
nature godi’ is emptee
no()thing f_ee
गोदी का साया है ख़ाली भाया न जाने भरपूर ज़ुबान
की भरपूर आखे खोलने का किराया
देना पड़ेगा आज का अंदर का भरपूर सरमाया
माया न देखे सर हो या धढ़ गिराया
गला दबा के न मचलो भरपूर भाया
निवाले का जहर न गले ने कहर बाहर मचाया
भरपूर आधा अपने अंदर के ख़ाली आधे
का भरपूर दु(हाई)मन दश दश है
इसे गोदी के फाटक से फटाक लातके लगेंगे
तभी भरपूर भूत अंदर के फाटक
ख़ाली पटकेंगे
जब ख़ाली डंडे ही असुरो के भरपूर का
कुछ बिगाड़ नहीं सकते तो
ख़ाली आधा तो गोदी में डूबा हुआ है
तैरना नहीं आता
आधे को तो एह भी नहीं पता
बूंदियो की सा(हा)या(आ)ता होती है
gut गोदी में पता नहीं
कहां बहती है बूंदिया
आज को अंदर गोदी का अच्छा-बुरा
सारा पता है ख़ाली बूंदिया ख़ाली
घरो में कुसकती नहीं है और
सास के दामाद को मर्द की ईंट मारनी है
अपने घर को अदर बाहर ढलते
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