त्याग आग

सप्तऋषियों ने त्याग दिया था भोलेनाथ का दिया सारा ज्ञान

असुर १-१ को स()भाल से सखे सा
भरपूर उत्पादन सास-कर कलयुग के अदर
कर कुकता क्या का

दुर-भास

सृष्टि गोदी में नहीं है कोई

इतिहास जो हसे हास
१ दुयीया वास
ना आया भरपूर
भर-हास अभ्यास
खतम करो खडपूर खास


हरियाली निराली गोदी की जमीन
और
एक दुयीया अदर बज()र-बट्टू बीन