ब()वास बडपूर फला फूला
तब क्या अदर अब आयना भूला
धूनी धमी धरोहर धूला
रूनी रमी रा रुकता रुला
Category: innate
ड()ट डट
ख़ाली आत्मा ख़ाली से खूट खर छूट छाती छटती छा
बाया बा बकाल बर बलग बया ()या
दुर-भास
सृष्टि गोदी में नहीं है कोई
इतिहास जो हसे हास
१ दुयीया वास
ना आया भरपूर
भर-हास अभ्यास
खतम करो खडपूर खास
हरियाली निराली गोदी की जमीन
और
एक दुयीया अदर बज()र-बट्टू बीन
re()serv
अब एह च()मचे को देख दर दाड़
बो-तल ख़ाली है तो लेटा है
और भरी है तो खड़ा खाड़
कमाल कहा करा काड़
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o*()gen
ईत्नि मुश्किल से गोदी के पूर्ण पेड़ो के प()चे
प्राणवायु(o*()gen) का आतम-निकास पार पड़ते
उससे भी दुगना असुर घर को अदर बाहर उजाडते
१ दुयीया की हव() की आग मे ()मीन का पा() पना पास-मान
def_nit_ly 0 co_su_ming असुर
अ-ढी
गोदी में केंगति है काली कीड़ी
दुयीया मे उड़ती है पडपूर पीढी
तल तट तो ताल तीली तीडी
गोदी की ज़मीन पे सजती है शांति से अरथी
तल तट के रथ को न मिली अ और ी त()रथी
gu_sy
हाँ लो लेने लायो
आधा gut को आधे से दु()मनी
ख़ाली मन की दुआ अंदर ई की शनि
ख़ाली मणि दुश()वार ध्वनि
पाली पूर्ण पूर्णिमा
मोक्ष मिले माली मल मनदर
साँसे सिले सालो स्याल सुन्दर
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_ol 1 di_solve
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mae u be em_tee _ol
आखे अत एकना
वैराग्य को अंदर की ख़ाली आँखों से आमने देखना
आख से सामने वैराग्य न रोकना
ख़ाली खुट खे खाल खोदना

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