दुर-भास

सृष्टि गोदी में नहीं है कोई

इतिहास जो हसे हास
१ दुयीया वास
ना आया भरपूर
भर-हास अभ्यास
खतम करो खडपूर खास


हरियाली निराली गोदी की जमीन
और
एक दुयीया अदर बज()र-बट्टू बीन

re()serv

अब एह च()मचे को देख दर दाड़
बो-तल ख़ाली है तो लेटा है
और भरी है तो खड़ा खाड़
कमाल कहा करा काड़

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o*()gen

ईत्नि मुश्किल से गोदी के पूर्ण पेड़ो के प()चे
प्राणवायु(o*()gen) का आतम-निकास पार पड़ते

उससे भी दुगना असुर घर को अदर बाहर उजाडते

१ दुयीया की हव() की आग मे ()मीन का पा() पना पास-मान

def_nit_ly 0 co_su_ming असुर

अ-ढी

गोदी में केंगति है काली कीड़ी
दुयीया मे उड़ती है पडपूर पीढी
तल तट तो ताल तीली तीडी


गोदी की ज़मीन पे सजती है शांति से अरथी
तल तट के रथ को न मिली अ और ी त()रथी

gu_sy

हाँ लो लेने लायो

आधा gut को आधे से दु()मनी

ख़ाली मन की दुआ अंदर ई की शनि

ख़ाली मणि दुश()वार ध्वनि