ਕੋਕਲਾਂ ਛੁਪਕਿ
ਰੁ-ਮਾਏ ਰਾਤ ਰਾਇ ਰਾ
ਜਿਹੜਾ ਅਗੇ ਪਿਛੇ ਵੇਖੇ
ਹੁਦੀ ਸ਼ਾਮਤ ਸ਼ਾਹ ਸ਼ਾ
ਤੇ ਜਿਹੜਾ ਘਰ ਅੰਦਰ ਬਾਹਰ ਵੇਚੇ
ਉਹ ਘਰ ਭਰਪੂਰ ਬਿਮਾਰੀ ਲੇਖੇ
ਲੈ ਕਹਿ-ਕਹਾ
ਕੋਕਲਾਂ ਛੁਪਕਿ
ਰੁ-ਮਾਏ ਰਾਤ ਰਾਇ ਰਾ
ਜਿਹੜਾ ਅਗੇ ਪਿਛੇ ਵੇਖੇ
ਹੁਦੀ ਸ਼ਾਮਤ ਸ਼ਾਹ ਸ਼ਾ
ਤੇ ਜਿਹੜਾ ਘਰ ਅੰਦਰ ਬਾਹਰ ਵੇਚੇ
ਉਹ ਘਰ ਭਰਪੂਰ ਬਿਮਾਰੀ ਲੇਖੇ
ਲੈ ਕਹਿ-ਕਹਾ
आधे साँसो का ख़ाली जहा(आ)ज
आऔ पधारो तुर्य्य अणु-पुत्र
बुँदियो को पता है आधे साँसे
non(dual)_top
जगी ज्योतिः
दो वक़्त का ख़ाली नि(वा)ला
चोड़ो चुनौती
सुना मईया गोदी का दिन देखना है
हम नही दिखाते-दिखाने के खाते गोदी का
दिन रात आमने सामने कहां आते
गोदी के नियमों का कैसे करते पालन
घर के अंदर बुँदियो औ का ख़ाली संचालन
दिन रात निखरे साँसो का कर्त्तव्य ख़ाली खालन
तुमने हमारी मरी हुई लात पापी पेट पे मारी
तुम तो हो घर के अदर बीमारी
समाज की यारिया प्यारी
एक su-दर क्या क्यारी
तुम तो करते घरो के अदर बुँदियो का ब्ला()कार
और बाहर करते वास के घरो का शिकार
खुली नजरे न हटे बडा मै घर समझदार
बेजुबाँ नही डालते गोदी में जुबान
बाहर निकालने का गंद
मौत के मूह मे झोकते
तूतू मै मै का समाज क्या चौक-ते
घरो घडघूर दस्तक नही देता मोडते
एक एक मूह मे जय ज्योते
तुम तो हो वास की काली अधेरी रात
मे उडते रहो ठाठ की जात
कहते है गोदी कोई सीख सही सेहती
दुयिया के समाज की d()tail तूतू मै मै के आगे
एक घर की वास की de_ail कैसे कहती
तुम्हे तुम-हारे भरपूर क()मो की दिन की सोच
ही रास्ता दिखाती घरो की रात के अदर
गोदी में कोई रास्ता दिन-रात रही रुक(तरा)ता
हमारा हक हरा हारा हर्रा
गोदी मईया ने जो दिया दर्रा
तुमने खुद ही ठुकराया ठर्रा
आज भी किसी को कारा कर्रा
किसे निभाये जारी जर्रा जर्रा
यह si_n@ur मे क्या भरपूर भय
y na_ur
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