एक बल का मे()मान

कितने जन्मो के अंदर आधा

एक बलवान रहता है और

शुन्य जन्म में तो निर्बल ही मिलता है

शुन्य जन्म मिलता नहीं

gut गोदी के अंदर ख़ाली ढाल के

अपने आप शुन्य साँस

ढल जाता है

भरपूर कोशिश

कोशिशे तो बहुत होती है

जीवन व्यतीत करने की

(व्यतीत क्या करेगा अतीत के अंदर

ढूंढते ढूंढते थैंक जायेगा)

पर क्या करे

पहली बात भरपूर तो नाकाम है

और पहली बात भरपूर तो व्यस्त

है तलवे चरने में

अब एह लात तो सीधी है

कोशिश के अंदर भी सीधा निकला

बाहर भी सीधा

टेढ़ी कोशिश काम नहीं देखती

फिर भरपूर ने कोशिश की

रेखा को कब देखा