ख़ाली पढ़ाई लिखाई तो
ख़ाली को ही सारा भर्ती है
ख़ाली समझ के अन्न-पड़ भी
ख़ाली रहते है
ख़ाली षुरू
__em ch()ot__
रोगी-भोगी-योगी
in()id सास
ख़ाली पढ़ाई लिखाई तो
ख़ाली को ही सारा भर्ती है
ख़ाली समझ के अन्न-पड़ भी
ख़ाली रहते है
ख़ाली षुरू
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रोगी-भोगी-योगी
in()id सास
इसी लिये घर के बाहर मुखोटे टांग रखे है
ताकि घर के बाहर को नज़र न लगे और
अंदर के मुखोटो के लिए
अंदर सब कुछ ख़ाली है
ਸਾਨੂ ਕੀ
ਖਾਲੀ ਤਾ-ਕਿ ਭਰਿਆ
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__jo-y-ing u j_urn_y
to
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th_rn-y
an emptee within child’
_o_tur is gut alon
mother nature
in()id emptee
ever()here
gut मईया के पास हर रोग का इलाज है
तभी तो सारी बूंदिया निरोग्य है
ख़ाली कोख के अंदर
तुम्हारा भगवन क्या तुम्हारे भरपूर
तन को ख़ाली होने से बचाता है
यह बाइयो की राख को क्यों छोड़ के जाते है ख़ाली _ase में
अब घर तो गिरवी होता है
तलवो के बचो का
अगली सास के काम आता है
अरे _ase टूट गया
हवा तो भरपूर रख की
राख को भी उडा लेता है
यह टोटका तो बहुत महंगा है
इसे क्या होगा भरपूर
कला का भरपूर भला
इसी लिए तूतू में में के मा-बाप ने
gut की पढ़ाई में कमी रखी
गोदी के बच्चो की चुपी को
tal पे लगा रखा है
काला क्या भरपूर
तन को भरेगा
groun__og dae to
_round_og _irth af()er _irth
unless _og dis___ear
y()s-lf in()id b_og
to()tal _@urn in pi_ce_
that which one del__ional
_eed to bec()me a
re-sp__n_ible
th()eat y() fu_ion
पढ़ाई लिखाई के टोटके भी
भरपूर तन को सुरक्षित रखते है
किसी काम तो आई न लाई
पढ़ाई का दामाद इधर उधर सास
आज के मा-बाप भी सुरक्षित है
मिलो दूर रहते बचे भी पड़ रहे है
घर के अंदर टोटको की तूतू मैं मैं
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