तुम दोपहर को 1 बजे उठ के सुबह के १० बजे की चाय पीते हो
रात को क्या करते हो
(सरे असुर एक जैसे है)
लातो की लत एह है की ठोस तुम को फर्क नहीं पास्ता
तुम पंचकर्मा कार्वाकोगे
और अभी का तल का सास चल बसेगा
लेकिन
गोदी का संत-()लन तो बिगड़ा हा
और दृप-योग में कितने तल फासे
गोदी की चीखे आई लेती है


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