gut मईया gut मईया
आधे ने गोदी के सारी मिर्ची हरी खाई
तभी ते एह वाल है गोदी का
किसने नज़र र(स)खि आधे के निवाले पर
खामोश
आधे
हांजी gut मईया
gut मईया gut मईया
आधे ने गोदी के सारी मिर्ची हरी खाई
तभी ते एह वाल है गोदी का
किसने नज़र र(स)खि आधे के निवाले पर
खामोश
आधे
हांजी gut मईया
gut मईया के दो निवालो को भी
वास से उभारते है
भरी वास के उपाये करते है
वास की बहरी दुनिया के अंदर चलते है
गोदी का अनुमान ही जलायेगा इनकी लं()का को
सफेरे सफेरे mi-cro()ave में क्या ()ave होता है
वास की खुशबू कायम रहती है हर पेहेर
हालत तो खराब होगी ही
जब लत को हा की वास भायेगी
ओह भी बिना बिंदी के
————————–
भनक को भी पता नहीं है
मईया की ख़ाली रसोई
कब ()धोने देती है
ख़ाली रसोई खुली नहीं ख़ाली के अंदर
can alone u be _@vic
()how
नहीं जी
सारी बारात का mind()et फिट हो सकती है
मियानी में
क्या कहा
बा को रात कब मिलती है
आईने में
this is @ ()ast
warn(ish)ing to bring
()ached y()s on
within ()tage
for ish u must
o-mow adhe ()oon
0 आधे कोई पैदा नहीं करता
gut मईया का आधे एक 0 ही है
सारे युगो के लिए
y() वासना is ()eeking a u-birth
kaluga is ()est of all uga’
तुमने आधे के आगे आ के
तूतू मैं मैं की बोली बोली
gut मैअईया या की गोदी
तुम्हे औड़ेगी क्या
&
wh@ is this
u just te*()ed y() li
improve y() tongue
_ach(cri-te)ria
thae do ()now
2
state of () awareness
()how
godi ki pledge hai
a total s()ocking
jupiter*uranus now
within emptee matter 2 emptee wow (up()de ()own)
तुम mail folder का सास ख़ाली नहीं करते हो
फिर रात भर दुखि होटल हो
दिन को अटल भोग हो
भीतर कर्म योग हो
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