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y-0-s in()id u mop()n
जो बैठे थे उनको खडा खाड़ दिया
बिना खाड़े अंदर नहीं घुलता
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in_ar_ _oor op()n
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जो बैठे थे उनको खडा खाड़ दिया
बिना खाड़े अंदर नहीं घुलता
ख़ाली दरवाजे की भरपूर ताली तो एक साथ से सी सजती
भड़ाम आम
भरपूर भेदभानी भरपूर भाया भय भवानी
an in()id ()fin-it si_ple wa_s to bet_er y-0-s pre-g_a_nt he-al-t_y in()id u
ju_t _eep _iting ever-y1′ 1 in()id u _iting
a c_ean pro-teen is ne_ther _hey _or p_ant r@_er _ol y-0-s in()id u ever-y1 _p_een
is _here in()id _ea()th an intel(di)ligence rei_n an art-if-ici-al
0 _y a chan_e
ever-y1 in()id u _ar y-0-s off-ici-al
s-0-y _ad-i()ca_l
हम(आ)रा आधे गोदी का सुर रखवाली ख़ाली माली खिलेगा
तुम-हारा आधा अपवित्र असुर भरपूर सास के अदर भिड़ेगा
गोदी के दिन रात का अपमान करने की तुम्हे कोई सजा नहीं मिलती
for y-0-s in()id u _ome _et u beli()v a ha_f
on mis_ach is ever-y1′ ri_ _ach
_ol 1 cha()it-y in()id 0 _ach
बनावट की सास से ज़िन्दगी की दगियो की सजावट अदर ही भरपूर सजा की वाट एक एक आख़ेजी
और सास भी आधा जन्म डटी डालेगी दूसरो के एक-एक के लिये लाखो ली
मेरा अपना एक कहा का
बाहर का सपना सेक सलाह सा
भाली खट खर-वट खा
पूरी दुनिया सास के भरपूर दामाद के अदर एक-एक आराम से बैठी है
और यह भरोसा y-0-s in()id u-की के ऊपर पूरा है
पिछले क()मो का भूल भाते भय अदर
और आज के काम अदर आवारा भरपूर ख़ुशी आते सास के मन-दर
y-0-s | s-0-y
eas_ly di_ested
0 s_ot_y 0
ever-y-thing y-0-s in()id u _ar e*/i-encing is out()id of y-0-s
& _h@ re_ain in()id is f()ee-d()m of ever-y1′ y-0-s in()id u en sous ma_n
on j()n()y is al_ost o-ver
le_to-ver is c_over
ri_ in()id _ange _over
भरपूर ख़ाली लुटा लो-वर
ਕੋਈ ਸਸ ਦਾ ਕਿਵੇਂ ਬਿਗਾੜ ਅੰਦਰ ਬੜਦਾ
ਜਿਹੜੀ ਆਪ ਹੀ ਅਦਰ ਦੀ ਮੇ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਦੀ ਤੂੰ ਨਾ ਜੋੜੀ ਜਦੀ ਜਾ
बिन-मा के भरपूर कु-वारे
तुमने hi छूत के मुझे पवित्र पा लिया
भरपूर मर-काट के ही सब जी पक पकाती पा
हम हो भूखे भी भही भायेंगे बिना मर-बूर
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बाहर भरपूर नक़ल की बिना अदर येहसास शकल की अकल को बहार भरपूर अकाल आते आ
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ब()मीज़ तो भरपूर है सास की तलो की तमीज पर क्या भरेगी अदर भरपूर एक एक का कम-eas
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बिना क()मो के कोई किसी से मिलले माता आता
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न तो तुम हमें बैठने देते हो न खड़े होने न उड़ने न सोने
तुम्हे हमे नज़र न्योते न
चलो यान लो
y-0-s _ur is _ear
सास को अदर एक एक से अलग होने का दर अदर ही खड़काये खार खा खेहर
हाय मेरा १०० का भरपूर आधा टके का वाट वता पूर
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