गोदी में आज भी ओइ रेंगता है
सांसो को ख़ाली सींचता है
ज़ेह-पीली आँखे फेंकता है
अदि का भाग आज भी
सांसो के उपर ख़ाली तैरता है
गोदी में आज भी ओइ रेंगता है
सांसो को ख़ाली सींचता है
ज़ेह-पीली आँखे फेंकता है
अदि का भाग आज भी
सांसो के उपर ख़ाली तैरता है
की तुमने आधे के मुँह से सुना है कभी
an emptee intentions within _outh
&
within lap of nature alon _outh
गोदी में बूंदियो के मुँह होते हे ख़ाली बंद
आप की सास का क्या नाम है
gut गोदी के अंदर
रोगी (रोग को लेकर रोता ही रहता है)
भोगी (भरे भोग के टीके रोज लगाता है)
योगी (दिन रात योग सताता है)
an emptee breath lie
_tr8 o_n f@ emptee _round
गोदी तो आधे ही होगी
आधा तो है रोगो का भोगी
योगी को क्या पता कब दस्तक रोगी
गोदी तो आधे की ही होगी
gut गोदी का लावा
रूह का पहनावा
धार अंदर इतरावा
बूंदिया बुने मावा
मोक्ष किसी भी जनम में नहीं मिलता
उसे आज के अंदर ख़ाली तपना
होता है
मूर्ख
o
मा के सुर
y() time will come
when u will become
n(aked)it bie y()s-lf
i.e. angels are tagging u alone angle
is one aware
ओहो
एह त्रेता युग नहीं है
आमा नहीं आएंगे
केवल्य-आधे का ख़ाली आधा
(ਚੁੱਪ ਕਰਕੇ ਬੀਜ, ਤੈਨੂੰ ਕਿ ਲੈਣਾ, ਇਹ ਕਸਲਯੁਗ ਕਹਿਨਾ ਬੰਦ ਦਰਵਾਜਾ)
a within breath’ ka(dha)r-ma
is wiw o emptee a()lon
thae sae ()utter()li has wing_
तितली उडी
उड़ के चली
(आकाश में उड़ के कैसे चलते है )
भवँरे ने कहा आजा मेरे पास
तितली कहे मैं चली आकाश
तितली नहीं फिसली
ना ही फिसला भंवरा
हवा ने लिया चुरा
उनकी आँखों का कजरा
अब बैठे है छु के हर साँस का
अधरा
अधरा
ख़ाली बूंदिया तो ख़ाली gut मईया ही
बहा सकती है गोदी के अंदर
ख़ाली
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