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शक्ति 2 शक्ति
बलि बीच मे
माया मे मुक्ति
भाई भी भाली भक्ति
सृष्टि गोदी का अपमान अड़ाया
विश्वासघात गले गान गड़ाया
कितना मुश्किल आत्मा का आस
कैसे हो अंदर सारा निकास
बुँदियों का हिसाब लिखना सांसो की किताब
निर्दोष अन्न अंदर घूमे बेमिसाल बाल बलाब
गोदी में खिले ख़ाली ज़मीन बहाव बेहिसाब
a v()ice _i-thin is to()tal aum()tea in()id em()tee _omb(gut)
for in()id breath u be_om ever- -thing re_pon_ible
& eies bec_me em_tee di-sci()ple
& a b_eat_ di__olv sin-is_er _ar in()id _ipple
गोदी का to()tal आश्रम
सांसो का सारा परिश्रम
जिसके पास पा पही प()म
वोह है दुनिया अदर एक भ्रम
ख़ाली मईआ दिन-रात ज़मीन आसमान ख़ाली रखती
ताकि ख़ाली बच्चे स्माधि में सुरो संग ख़ाली खो खारती
कलश कराना काढ़े कण कण
अंदर आए जननि जन जन
ध्यान में मगन ख़ाली खन खन
घुले सांसे घोल अंदर अञ्जन घन घन
आत्मज्ञान मे सांसे का ना कोई ऊँचा ना कोई बड़ा बोई
ख़ाली ज्ञान के प्रवाह मे अंदर आ सांसे शर्मसार सोई
ज़मीन के हरे हारे
आसमान के तरे तारे
बीच मे मिले मझधारे
गोदी मे ख़ाली लुटाए
कलीरो कली कारे कारे
झलकते जीवो आत्मा आरे
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