तूतू में में की दुनिया पूरी जेल
एक चोर एक सिपाही का भरपूर खेल
भरपूर आधा इधर उधर पूरा मेल
एक बाहर भागे एक अंदर रेल
अंदर का बच्चा वारा फेल
अब भागो आई सारी बूंदियो की
मईया का gut _op ख़ाली a-वेळ
निराली छाया बांधे ख़ाली gut गोदी ऐल
तूतू में में की दुनिया पूरी जेल
एक चोर एक सिपाही का भरपूर खेल
भरपूर आधा इधर उधर पूरा मेल
एक बाहर भागे एक अंदर रेल
अंदर का बच्चा वारा फेल
अब भागो आई सारी बूंदियो की
मईया का gut _op ख़ाली a-वेळ
निराली छाया बांधे ख़ाली gut गोदी ऐल
पिछले द्वापर युग में कृष्णा का
जन्म जेल में हुआ ता
अदि-नाग की छाया ने मईया की
गोदी अंदर पहुँचःया च
इसी लिए अंदर का ख़ाली बच्चा ही
gut गोदी का सारा अर()माया मा
ever- -thing constant is
nothing change
or
nothing constant is
ever- -thing change
gut मईया को खुली आँखों से
नहीं देख सकते आयने में अपनी
अ()कल के परदे तो गोरे हे
रहेंगे न अदर
y in()id u un()not hav
th@ _hich is no emptee
to _ach y in()id
u emptee
gut गोदी और अंदर के ख़ाली बच्चे को
तो सब कुछ देरी से ही मिलता है न
लेकिन अन्धेर भरपूर को तो पूरा
पता मिलेगा नहीं या
पूरा आधा लूटेगा
तल के सास के दामाद अपने
अदर बचो के लीये खड-डिया बुनते है
उसमे gut के कच्चे भरपूर गिरते है
इसी लिए बान की जू भरपूर
तान के तन तनते तय
u hav lo_t
wit()in chi_d
bie li_10-ing to y()s-lf
for no u be a du_-i-ful
_on of _tep y _ot()er
&
a within child in()id
alon u is total emptee
lo_er of
gut nature
wiw o
चाँद जैसी babi बूँदी नहीं है ना
तुम्हारे पास इसीलिए सोर मचाते है
इधर उधर
घर के अंदर भरपूर को सुलायोगे तो
ख़ाली gut मईया कहा सोएगी
अंदर का बच्चा ख़ाली पुतला होता है
जो भरपूर को ख़ाली पुत अंदर बनाता है
और
अंदर के ख़ाली बच्चे को सामने रख कर
तूतू में में की दुनिया में भरपूर
मांगने के लिए जास्ता है
ऐसे ब(ज)नता है तुम्हारा भरपूर
बेशरम लख ला()नता
और
भरपूर आँखे क्या चुराती है
आयने में से
इधर उधर
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