खेल ख़ाली

कच्ची ईंट-पत्थर-लकड़ी के घर

gut गोदी का खेल ख़ाली खेलते खा

तुम्हारे घर न तो ज़मीन पर है और

न ही तुम्हारी दुनिया के अंदर

दुनिया की गंध में इधर उधर की

भरपूर हवा बे-हाल है

अंदर चुपी त्यार

अब आज के अंदर चुपी भरने की

ठान ही ली है तो त्यार हो जायो

पुरानी यारियो के बीमे की एक-एक

भरपूर बात बैठी है सास के दामाद में

गले गल गलाने गे

आज के अंदर चुप बैठ के आंखे

किसका खौफ खायी खा ख़ाली

डंडे का मासूस तो ख़ाली

है ना

ध्यान धरे

हासता

आधे की मौत की ख़ाली()आई से भी

ख़ाली डंडे म()सूस नहीं होते

लता है असुरो के भरपूर गले सीधे नहीं उतरेंगे

निवाले की मौत को सीधा रास्ता पास्ता

तो तूतू में में की दुनिया में

एक ज़हर न हासता

दा()म

तुम्हारी भरपूर ज़ुबानों पे काले

ताले ना लगवा दीये

तो हमारा दाम भी gut गोदी का

ख़ाली एही & ख़ाली यही

&

तूतू मैं में की दुनिया ने ख़ाली आधे

का भरपूर मज(य-का)बूत बनाया

और आधा को घर के

अंदर भरपूर गिराया