un()on gut nature godi’ to()tal 6
ne_er s_ow y() _ace
un()on gut nature godi’ to()tal 6
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भरपूर के पास जिन जिन की दागियो
के सिवाये अपना है ही क्या
गोदी के बच्चो का दुरुपयोग लिए बगैर
भरपूर कर सकता है भरपूर प्यार का इज़हार
gut गोदी का सावन भरपूर के लिये बरसेगा
गोदी के gut का सगा है न
a _lades of _rass
re_oice
a _ew d()opping in()id ma__
सृष्टि का ख़ाली gut परिवार आ रहा है
gut गोदी में समाने रो-शनि(ख़ाली)वार
भरपूर जगह नहीं है अंदर ख़ाली इ()वार
तो खडी कब-रो के अंदर ही समायेगा
आधे की ख़ाली मचान का उप-चार
गोदी की चुपी से कुछ कुछ सारा होता है खटा खट
कच्ची ईंटे एक ही बारी में सफ(द-का)या चट
ताकि फिर से न भरे भरपूर in()id but2
कब्र में डूबा भरपूर धढ़ बाहर निकाल के
gut संपूर्ण देवी की ख़ाली बुँदियो की
छुपी का भरपूर भायदा
भहाता भय
a_m()tea tree
no()thing _eave
ख़ाली माँ को नहीं जगाया
जगाने को भरपूर भाया
गाने गाने में भरपूर जग-माया
ख़ाली शक्ति में नहीं समाया
आधे ने नहीं रुलाया
जग में है साचा तेरा नाम
लो यकीन हो गया तुम्हारा भगवन भी
आधा तेरा ही है
तो क्या हमारी gut मईआ
आधी( )री
foo_s _ush in w_ere ange_s
f_ar to _read
—
angle’ _pace in()id gut
nature godi’ is emptee
no()thing f_ee
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