@mandalalit is to()tal no()thing
सृष्टि मईया की गोदी की ख़ाली
बुँदिया बहे off(be)ing
एक अंत एकांत का संत
सास की 0-book के अदर क्या है
भरपूर _ag के अदर क्या है
_l-ach lin के अदर क्या है
min_fu_l s_ad-o()s के अदर क्या है
भरपूर me_do_s के अदर क्या है
…………………………………..
do__ed _in के अंदर साफ़ लिखा
क्या है
भरपूर आधा ने ख़ाली आधे की
_arn@ion पे भरपूर _cra(pi)tch मरे
हाथा(4)पायी सास सिलायो
आधे एह क्या किया
जू जाल जाडनी थी
बाल बिकाल बया
कही किरा क्या
नजर नही नहाये
खै-रात खले खाल पल पले
रात उ-गले रूब-रु रले
दिन दोगुने दो दवार दले
कौन रु रहर आम मन मिले
आधा काली आधे निराली
प्रदान-आदान ख़ाली खवाली
आधे लद्दू लाल लाया
आधा निगला नाड ना()या
बाहर इधर पछ-ताया
अदर उधर पच-काया
त-रैड तूती तय तलाया
गोदी में
ख़ाली और भरपूर की
पूछ नीच नही नाम नाती
ख़ाली खल खहि खकता
भरपूर बल बही बकता
गोदी के कलयुग में कितनी देर तक
एक दुयीया भगदड भरपूर बहती बा
जितने दुयिया के अदर देरी दी दवा
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