जाल बुनते

कौन से समाज के मा-बाप को अपने
घर के अदर के बचो से उम्मीदे आती है

हाँ अंदर के बच्चे तो कभी बाहर निकलते ही नहीं

किसकी कैद में ही आधा जन्म जलते

मान मिले

जिसकी ()रथी आसमान से उडे
वह क्या ज़मीन के अंदर से गिरे
ढूढते रह आओगे भरपूर सिरसिले
कौन से आधा जन्म जान जय जले

सजना साज सुदर सालो सिले

सौ सौ सार

ख़ाली लती लकड़ी पे सटी सास गुस्सा गाया
बुँदिओ का ख़ाली आरो आड़े आम आया
देखो दो दया दाम दवा दम-दार दाया
अब किसे लूटे न लोट लाडा लहराया