t()rap _lit_er s_ap c_ap m_p za_ ra_
Category: hohm
0-t_y
oh e_e _tar_
u _ar 0 em_tee
_ar the-y hea_thy
off(0)c()se
if 0 t_en
ever-y1 s_eal-thy
u _ar de-vote_ to 1 pur()pos
0_ing e_s re_ose
0_ing _rong wa_t m-or
b_ing in()id _it _r_nt for
u _ar _er 2 en_er_ain
a ba_ga_e fu_l di_नर _d_ain
()pu_s बीमे के फायदे
th@ is w_a_t w_o _as _o_d_red
जो घर के अदर अपनी बीमा(या)रियो के ठेके ठही ठहरा ठगते
वोह दूयीया दे दरो दीया यारिया – बीमा बारी बपनी जीभे जडते
बरकरार बीमे बाया बाटे बकीमे
_ence _un
we _ar all in()id 1
t_ough we _ar 0 ma_y
out(s_art) n_n
दुहाई देर है
आज आधा सूखा पडा पेड है
तो इसका बलमत
सृष्टि गोदी आधे
धोखा डेढ़ है
नहीं नहीं ढ़ाई
स्वा सेर है
0 on
w_ere _ar we
_ar we in()id th_ir ye_
y
p_an(cre(ep)ma-t(emp(au_it)or)ium)et
an _ach _ill b_ing hel_ a_t-er_ard
पुच पुच पया पचती
टीवी का सडपूर ससार दिन
रात खाउ खाउ खारता खा
सूखी खासि-यत खता खे
a_grey-ji भी भर भर भहम भकती
कहमत कफ कफ कापटी
साफ सफा()यी समाज से _ap
घर अदर रसोई भरी पडी है
कलयुग के करो()ड लोभ मोह से
और अदर की चक-मक से बाहर
काम क-लाते का
अब साफ सफाई से साम ने १ सम्बर सी सगे सा
क्यो कही को सुरसत सही सिलती
घर के अदर बजुर(ब)गो को उचा बोलना
इजाजत जसीब जही जा
इसीलिये बाहर दूयिया के h_ass के
b_ades को सूना सु-नाते सा
भरपूर क्यो कही का दमाद दी दोच
दोज दाल दागते दा
p() सास
8-8
हमारी गोदी गा गहना ग()य
भर भर भे भेटते अदर भय
और बाटते बाहर बाया बाय बय
सेसा ससुर-सास सा सूरा सहना
कितने पोते दोहते है तुम-हैरी सास के
आधा जन्म के एक-एक मिला के होगे
0-0 *
ti()t _ar
१ नर साठ स्थर
_aise 1 inनर _hil_ wi_e
0 ob(grea)d_ent im_ro()vi_e

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