जब pre_ent मे यह हाल है y-0-s in()id u का
तब 0 की a_sence मे क्या होगा
s_am_ede
जब pre_ent मे यह हाल है y-0-s in()id u का
तब 0 की a_sence मे क्या होगा
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आधे है पूर्ण मंत्र का इधर-उधर का ख़ाली मात्रा
आधा भगाये भरपूर तत्र का इधर-उधर का भरपूर यात्रा
आधे का श्राप हो या फिर काली माता का
लात तो एक के ऊपर ही रहेगी
धड़ा धड़ धड़-धड़ खड़े हो रहे है हर सास के अदर
बिना चैन के
y-0-s in()id u को समझ मे नही आता
आधे का ख़ाली co_ d-un_
_ill b_anks भरने मे भरपूर _uckलीफ आता
बीमा(या)रिया तो सास के तल पर भरपूर फैली हुई है
और अब गहरी भी हो जायेगी भरपूर
ऊपर या नीचे
(दोनो ही)
तीनो मुह तो अदर बद ही रहेगे
अब आएगा प्रलय
दामाद होगा ख़ाली निलय
सास सहेगा ख़ाली मलय
a wit()in d_s-f-un_tional fa_il-y is
_ause of man-is_e-station of on wor_d _ause
_eeds hol f-unctional _ull y-0-s in()id u _aw()s
n-ever s_eal _heat vile _t_nding _ack of adha c_alf
तीनो लोक काँपते है
खाली वीर के आधा-आधे महा आम से
तूतू मे मे की दुनिया मे कोई नही एक का-पता
(काला-पता हो गया)
is wiw o _ull re_aining in()id _ise _ull
क्या खोया क्या पाया
जो न सोया ख़ाली न बोया
भरपूर ही ढोया ख़ाली न धोया
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