काल(चक्र)की

काल्की बिछाए ख़ाली आधे पालकी


दुल्हन की सृष्टि ख़ाली गो()का लाल की


डोली की ढाल अंदर ख़ाली लकीर धरो की


ख़ाली उठाए साँस का सौभाग्य चार कंधार की


भीतर ही तरी ख़ाली साँस उद्धार की


आधा झांके हाँजी हाँजी ख़ाली रजा उध्हार की

ਬੀ-ਬੀ

ਗੋਦੀ ਮਈਆਂ ਸਾਡਾ ਅੱਧੇ ਪੁੱ(ਦੂ)ਤ ਹਾਂ-ਜੀ ਹਰਦਾ ਹੀ


ਬੁੱਢੀ ਮਾਇ ਦੀਆ ਕਲਾਈਆਂ ਨੂੰ ਬੂੰਦਾਂ ਵਰਦਾ ਬੀ

ਅੰਦਰ ਦੇ ਲੇਖੇ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਘੜਦਾ ਗੋਦੀ ਦਾ ਘੀ

ਖਾਲੀ ਲਾਲ ਗੋਦੀ ਵਿਚ ਜੀਏ ਹਾਂ-ਜੀ ਹੀ

कुछ कुछ

आधे कब्र में ख़ाली आधा ईलम ईला

चुप चाप घर के अंदर आए छुप छाप गोदी में समाए
ऐसे ही आधा जन्म ख़ाली आए और सृष्टि गोदी से ख़ाली विदाई गाए

कब्र में रह के ही गोदी की ख़ाली ख़ुशी का एहसास रोता है


आधा दिन आधे रात एक साथ नहीं हो सकते
गोदी में तो होता है
कुछ कुछ

ख़ाली या भरपूर

ख़ाली आत्मज्ञान साँस के भीतर से सृष्टि गोदी के अंदर ही ख़ाली समाता है


बाहर की दुनिया का सीखा सास के अदर को भरपूर अपवित्र मे-ला ही भाता है

ख़ाली आँखे

हम मईया की ख़ाली आँखों में ही

काले-से-सफ़ेद-से-काले होते है


गोदी की आयने ख़ाली ही मजबूत होते है


सृष्टि को संजोए भीतर की धारे ही

ख़ाली साँस होते है

सारा -शक ख़ाली

मूषक राज की स्वा()री है महा विद्या की ख़ाली आरी


धीरे धीरे गोदी मे आए ख़ाली गंध की राज दुलारी


गोदी मे सारी खिले अदभुत ध्यानी की ख़ाली क्यारी


दिखे जहा जहा वहाँ है सृष्टि मईया की गोदी प्यारी

ख़ाली आम

ख़ाली सांसो को दिखाना-सुखाना भी क्या जरूरी होता है

ल-लो लान लो


गोदी का ख़ाली ज़माना भी सारा पुराण माना ख़ाली होता है


भीतर ही बहे ख़ाली आम सारा संसार धोता है