4 to 5th house
cancer की मौत को छू के leo
अदर cancer नही बनता
दाग अदर बाहर दगता
_ach it wit_ g_ain of _alt
as it is ve_y f@ f_ult
who e@s sa_ty 1 pro_ein
0 _eed _weet su_ar car_o_y_r@e que_n
_ire _ome _een
4 to 5th house
cancer की मौत को छू के leo
अदर cancer नही बनता
दाग अदर बाहर दगता
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who e@s sa_ty 1 pro_ein
0 _eed _weet su_ar car_o_y_r@e que_n
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सम्पूर्ण स्माधि
धन्य देवी धन्य देवी धन्य देवी
धन्य सृष्टि धन्य गोदी धन्य बुँदियाँ
आधे अंदर-बाहर
पूर्ण प्रणाम
यह भरपूर तो लगता है बडा बडा बाया
ख़ाली कार्य को भी मात मेगा
ctrl+ is sel_-lo_se in
_his hous
अभी तो गोदी मईया ने आधे आज
अहा भेजा
अब घर के अदर आराम से तूतू मै मै बिठायो
और घर के बाहर सब कुछ पूरा भूल भुलायो
mae be sw__ch off in()id ever_thing
s_und_s _ood i_ea
al-rit t_en
आधे के पास नही है सब्र का
भरपूर इम्ति(मेहमा)हान
oh eie lessness
ctrl+f5 0 wo_king
lo(va)cation in()id ra_ar
देवी के गोदी का
आधे चमत्कार आज नही दिखाया
फिर तो भरपूर अतरमन जाया
भरपूर हैसियत हसा हसाया
शाति बायी को है बेसबरी बी से इतजार
कब आधे घर से बाहर निकले
सुने फटे फाल फटकार
ओ भगवन अब क्या यहा पर
भी आधा दिक-टेटर त्यार
चली आधे ख़ाली कब्र आर पार
आधे साँसो की हो रही नीलामी
नरकासुर के अदर नही है कोयी उलामी
खूले-आम होगी अब तो बदनामी
अपनी कोख के अदर बाहर सब करते
li_e & dis_ike
6 कानो को सीखा रहा है कब से
लेकिन कभी जुबान ने होने नही दिया पार पडपे
u _ar o_d he_l_ in()id (he)e_en
_um1 is _acking ne_wo_k
अच्छा तो आप भरपूर बाते भर भक्ते भय
लेकिन अदर न कहने ले लदी लकीर
ख़ाली को सीधे सुला मिरि मे फ़कीर
आधे अंदर गोदी के अँधेरे की ख़ाली ज्योति
आधा घर भरपूर रौ-शनी साढे साया सती
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