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y min_ is mir(ror-age)aकल
_ol g_ea-test sh_कल
ys-lf a_ult k_ows
in()id _ac_le
गले में गोदी गी घड़िआल की घण्टी नहीं बांधते
ताकि गोदी की साँस सी आँख खुले पता पा पलटे
ले सुमति सगी मूह मे ठठूमति ठगी
गोदी में भरपूर आखे बाहर खोली
तो ले आधा जन्म की अदर मिचोली
बीमा(या)रियो की बाहर कीमत
घाव घहरा छाटी छही अदर
भरपूर बलमत
कानो मे भरपूर भुजायो की भुजली की चुगली
बाया बाहर अदर उ-गली
_ar u _ind(_anc )u
_ho’ @ _ar in()id u
दुयिया का समा(दा)ज देता बाहर के गले को फ()सी फे फडे
और गोदी में अदर के गरपूर गले गाड के गन्दा करने का करजा
आधा जन्म की सास किली के टगे
a _ook’ _an_er
घर के अदर की मूर-तीया अदर समा(दा)ज का दिखावा
समाज का शहर शर-तीया पहनावा बाहर का बुलावा
क्यो कही के घरो के कमरे भी प-वितर होते है
हा हसोयी मे सब-जियो के कीटानुयो का
करमा एक-एक काटता का
आप जूते पहन के अदर आ जायो
कोई काट कही यह कमरे मे भी
साया सकते सा
घर के अदर आ के परनाम परते पा
बाहर से जुबान जय जमाज का परिनाम पाफ पहि पा
तुम हिदू समाज का घर होने के बावजूद भी
दूसरे गह्रो मे अदर जूते जडते जा
अब यह तो इनके घर के घमाज घसूल घ
पूछने पर ही पता पलता पा
गोदी के अदर सास ने जुबान की जू उडायी
आधा जन्म के करपूर कीटानु कान काट कडायी
ले सास अब तेरी तरपूर तदर तवायी
तेरे तो ती तली तेरी ताटी
hosपीटल मे जूतो को कपडे प()नाते
दरजा दमाज दा घर घर घाव घकल घटते
काम कही बराबरी का कट-कट कटते
झुको झुको झल्लो झहाज जटते
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