nothing se_ret div-is_ible
than ever-y-thing vis_ible
nothing se_ret div-is_ible
than ever-y-thing vis_ible
आधे के ख़ाली आधा नाम पर भरपूर कीचड लगाती है तूतू में में की दुनिया
आखे खुली रख के नाम बु-लाता है भरपूर
सीधी चुपी अंदर सीधी मौत
भरपूर भी सहेगा अदर की सौत
न रुलाये गोदी ऐसे ख़ाली झूले जोत
लो gut गोदी से बाहर हुआ भरपूर गोत
_ast-er-y of senses क्या होती है
अस्तर-आनी को बिठा दो अंदर
ख़ाली डंडे तो निकाल ही देंगे निवाले का दिवाला gut के ऊपर
भरेंगी इन-घरिया gut के ख़ाली ऊपर
हो गई बयानी धारियों की धरड़ धरड़
भगवन की चुपी कैसे सुरक्षित है तूतू में में की दुनिया में
भरपूर भडार घर घर पडाल
gut मईया को तो बाहर निकाल के रखा हुआ है
ज़ुबान कैसे संभालता है निवाला
जैसे ही बदला फिसला भरपूर हवाला
ज़ुबान की गर्मी गला देती है निवाले का ज़िल्लतवाला
for y in10_ion _eep fig()ting in()id u-_ind
काम से हाथ धोयोगे
बल मत भरपूर को खो दोगे
(भरपूर दर्द देता है भरपूर को
कितना चुभता है एक-एक भरपूर को)
तो निवाले ने तो कभी हाथ को
छुआ छी छही
टेड़े मेडे रास्तो से निकले एक भरपूर की
ज़ुबान की बात दुसरे भरपूर के टेड़े मेडे
रास्तो से गुजर के पहुंची अदर दामाद के अन-जान
बाहर निकला ज़ुबान का मेहमान
gut गोदी में क्या मचाते है
शम-शान
परेशान
ज़ुबान को ज़मीन कैसे मिलेगी
बहुत दूर है
टेड़े मेडे रास्ते दामाद के भरपूर बहम भाम
a _ife in()id on _oom is
ever- -thing de_d
for em_tee on _oom
no()thing _ed
गोदी की चुपी क्या दिखाती है भरपूर को
जो ऊचा बोल के बताना पड़ता है
1 wi_dom
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