ख़ाली अईया

सृष्टि मईया की गोदी में हमारे सोने की नईया

नदी तैरती ताए घर का ख़ाली खिवईया

नौका सांसो की भीतर ख़ाली सहज सिवईयां

अंतर्लीन अंदर आँखे विभोर ख़ाली अईया

राप टूर

तूतू और मे मे साथ-साथ मिला(ा)प
क्या होगा एक-एक भरपूर फिर विला-प
बजेगी बाठी बायेगा भरपूर भाप
बिकलेगा बाहर सास की रमड़ी राप


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सपने मे सास अदर जाग जही जाती जा
और बाहर बो ब्या-ही बोती बा
सपने बनते और बिगड़ते भरपूर
सास भी सगल सारती सर पूर
जाच जा जाने जागन जे()ड़ा टूटा टार टूर

साद मे

जब आधा सास की अदर भरपूर भ()ददा की भरपूर ये()मियत है दुनिया के एक एक मे

तो आधे की ख़ाली बाधा की क्या ख़ाली न()सीयत गोदी मे


यह तो तु()हारा भगवन भी न जाने सीधे सास के सादे मे