क्या
अपवित्र असुर दुनिया मे गिरे एक नही होते
तो क्या इंसान भी गोदी मे पड़े ख़ाली नही होते
क्या
अपवित्र असुर दुनिया मे गिरे एक नही होते
तो क्या इंसान भी गोदी मे पड़े ख़ाली नही होते
भरपूर समदर अदर बह नही सकता
_ait रेहा कर है पूरा भरो
अपवित्रता के अदर छूने की
भरपूर अपवित्रता अपने आप ही असुरो के अदर हरी जाती है
अपवित्र सरलता से परिवार की सस्कार भी भरपूर पवित्र धोते है
भरपूर सच मीठी बात है जो अदर अपवित्रता का घोल उपवास है
हमेशा से ही बिना पहचाने अदर छिपे राज अपवित्र पूजते साज
अपवित्रता को बिखरने नही देगा ख़ाली महा-आम का इत-वार
अपवित्र असुरो के सघर्ष की एक राह-चाह गोदी का ख़ाली बदल देती है तार
भरपूर रात की ख़ाली जग भरपूर जीत कर ही अपवित्रता पूरा दिन चमक()ती है
सृष्टि गोदी के अंदर
एक एक ने हर सदी के अंदर की दुनिया ही बदल डाली
इसी लिये अपवित्र असुर घर-घर का बदला भरपूर डाल वाली
ਤਦਿ ਤੇ ਸੰਸਾਰ ਵਿਚ ਕਿੰਨੀਆਂ ਦੁਨੀਆ ਪੈਦਾ ਹੋਈਆਂ ਤੇ ਮਿਟ ਗਈਆ ਸਵਾਲੀ
ਇਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ ਬਦਲੇ ਦੀ ਲਹਿਰ ਪੂਰੀ ਇਕ ਭਰਪੂਰ ਕਵਾਲੀ
ऊपर वाले ने दुनिया बन-यायी
और उसके अदर भरपूर बिठ-आया एक भाई
मागे इधर उधर के अदर से गुरु-यायी
दुनिया का एक घर भरपूर चलाना है
नही तो भरो अदर ही भरपूर हवा-यी
दफ(ना)तरो का भरपूर काम ca_m होता है
और घर के अदर
सृष्टि गोदी का ख़ाली नाम बद-आम रोता है
ਖਾਲੀ ਨਕ-ਥਕ ਕਿਊ ਦੁਖੀ ਹੋਏਗੀ ਸਾਰਾ ਸੰਸਾਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ
ਭਰਪੂਰ ਰਖ ਤੁਤੁ ਮੇ ਮੇ ਦੀ ਦੁਨੀਆ ਵਿਚ ਇਕ ਇਕ
ਅੰਦਰ ਖੁਦ ਨਾ ਔਖਾ ਵੇਖ ਕੇ
भरपूर भ-जन-की-रतन की ध्वनि को भरपूर विस्तारक करके
सृष्टि गोदी को पवित्र कर रहे है
और अपने अदर भरपूर वास बहा रहे है
अपवित्र असुर भरपूर निष्-का-सन को
महका रहे है
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