आधे के बोल-()ले का ख़ाली बीमा बनवा भरो
अदर ही सब को ()रवा आप ख़ाली ()रो
पर किसी को पार की पड़ी पड़ परो
ज़िदा ही भरपूर गाड़ अदर एक गड़ो
यारियो को चीला भरपूर छत पे च()ला ()चरो
आधे के बोल-()ले का ख़ाली बीमा बनवा भरो
अदर ही सब को ()रवा आप ख़ाली ()रो
पर किसी को पार की पड़ी पड़ परो
ज़िदा ही भरपूर गाड़ अदर एक गड़ो
यारियो को चीला भरपूर छत पे च()ला ()चरो
न तुमने आज क्या किया
कल जैसा भरपूर जिया सुला भी भईया
a 0 is non(du_l)sense
y-0 _ense
सास को gut के अदर की बीमा(या)रियो की ज़मीन
ध-सती है तो उ-भर नही सकती अदर
एहि ही ठीक ठहरा घेरेगा अदर
एक आ-समान से बहुत निखार आता है सास के भरपूर को
आधे कब्र में ख़ाली आधा ईलम ईला
चुप चाप घर के अंदर आए छुप छाप गोदी में समाए
ऐसे ही आधा जन्म ख़ाली आए और सृष्टि गोदी से ख़ाली विदाई गाए
कब्र में रह के ही गोदी की ख़ाली ख़ुशी का एहसास रोता है
आधा दिन आधे रात एक साथ नहीं हो सकते
गोदी में तो होता है
कुछ कुछ
ज़िंदा हो या मुरदा
सास का भरपूर घर भरपूर कब्र ही होती है
भरपूर घर को ख़ाली कब्र ही भरपूर रोती है
क्या हुया
घर को भरपूर ही छोड़ आये
कुछ ख़ाली नहीं किया अंदर
न एक भरपूर एक का दिन कोई आज की बात है
यह तो आधा जन्म की हर रात की भरपूर सु()गत जात है
एक दिन को एक रात न मिले सास का भरपूर ख्वाब वात है
एक दिन एक दिन एक दिन
एक दिन गिनते रहते है
राते क्यों नहीं गिनते
अनगिनत
क्या
जितना कहा उतना ही बोला
उससे सास को ख़ाली सीधा बेसमझ आ ही गया तो बोला
कौन
भय रोया भरपूर किराया भोला
भगवन रात को सपने मे आते है
और दिन की हक्क-की()कत अदा आरते है
पता ये
सास को _t& लेना पड़ता है
_heel के धोने को दहा()ड़ने के लिये
न ज़मीन पे बैठ के नहीं रो-रेग सकती
ਜਦ ਸਾਰੀ ਉਰਜਾ
ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਇਕ ਭਰਪੁਰ ਦੀਆ ਚੁਗਲੀਆ ਨੂੰ ਤੇ ਰਾਤ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਭਰਪੁਰ ਛਾਨਕਾ ਨੂੰ
ਰਾਤ ਦੇ ਭਰਪੁਰ ਜਗ(ਦੀਆ)ਰਾਤਾ ਨਾਲ ਇਕ ਇਕ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਮਜਾ ਹੀ ਭਰਪੁਰ ਭਾ
i am _i-red ਤੇ ਹੋਣਾ ਈ ਆ
ਹਾਯ ਨੀ ਮੇਰਾ d_son
ਪੈਰ ਚੁਕ
ਸਾਰਾ ਦਿਨ ਘਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੈ()ਰਾ ਦਾ ਗੰਡ
ਖਿਲਾਰੀ ਅੰਦਰ ਆਦੇ ਆ
this _ealed _an is _arrying in()id i_gred_ents li_ted out()id
do u do 2
भरपूर _use & भरपूर _h_ow
_id u _pen se_l _ow
y-0-s का सात दिन का _un_ay
& u get आधा जन्म-दिन का एक don()ay
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