जब सास के अदर के काम कम-जोर है
तो बाहर भरपूर काम ढूढती आखे भरपूर मु()ड़ा _or है
o babi baabi baaaaabi
बच्चे क्या शरीर होते है इधर उधर उछाले अदर उछलते आ
भरपूर भछाल भय
————-
ਡਗਰ ਅੰਦਰ ਹੀ ਡਡੇ ਡਾਇ ਡਾਡੇ ਡਾ
जब सास के अदर के काम कम-जोर है
तो बाहर भरपूर काम ढूढती आखे भरपूर मु()ड़ा _or है
o babi baabi baaaaabi
बच्चे क्या शरीर होते है इधर उधर उछाले अदर उछलते आ
भरपूर भछाल भय
————-
ਡਗਰ ਅੰਦਰ ਹੀ ਡਡੇ ਡਾਇ ਡਾਡੇ ਡਾ
a s_ern @tu()n be_o-me _ated re_lit-ee of in()id _urn
for _e_t_une to a_in wiw o fe()n
as nothing within so without ever-i-thing
as ever-y-thing in()id so out()id nothing
no _@ter ever-y-thing u cre_ate f()om in()id _ind_ull_ess _ound
to()tal nothing re()_on-ates wit()in aum()tea ()ound
श्री गणेश को विद्या-पढ़ाई का भगवन मानते है
और
सास के अदर विदाई की आई के आड़े नही भरपूर काटे
हठी दाते दिख(आ)वे के दाते दा
दिखावा क्या पड़()दा दा
किराये के घरो मे शरीर क्या खरीदे होते है
तक(दी)रीर कैसे खरीद सकते है जो आधा जन्म की बद()लत है
सास तो शरीर का मर()वीर बेच के भरपूर सोती है ताकि रात की
घुटी बात का बुरा भरपूर दामाद को दिन मे न यहसूस हो
आधे की सृष्टि मईया की गोदी में
दुनिया के सासो के भरपूर अमीर-गरीब का अदर एक साड़ा
तो सास ही बिना ()माने भरपूर घुट-घुट के अदर भरे एक भाड़ा
गोदी का अंदर तो है ख़ाली छोटा छूटा नाड़ा
ख़ाली ही रहे अंदर अ-खाड़ा
रामा, श्यामा आओ आमा
बैठे देखे ख़ाली बल की लकीरो
की सांसो का ख़ाली _ra()ma रा-ड़ा
अच्छा अच्छा इसीलिए हाथ जोड़ के
खड़()पूर ही खड़े खाते खा
तुम्हे पहले ही y_ar_ing दे देते है
तुम-हारा भरपूर ह()हारा इधर उधर का
भरपूर बिगाड़ बही बाता
fu_l _oon की जोड़ी जा
एक-ing से बनायी बा
_ull _ur(re)vive o करेगी दुनिया के
एक-एक का ()जा
आधा जन्म का एक (आ-जा)ना तो आगा ही रहेगा
शुन्य gut का भु(आ-ला)ना भरपूर एक-एक को ख़ाली रुलाएगा
हर आधा जन्म में
an in()id 0 re()ali_ation is de_th of भरपूर सास
2 in()id
bi()th ख़ाली si-l()nce रास
कमजोर सासे अपने अदर इधर उधर को नही खाक खर खक्ति
तो क्या तूतू मे मे की दुनिया के इक इम्तिहान की खाक नि(वा-ले)खारेगी
अन-गिन()त आधा जन्म के अदर
सास को अदर की इधर उधर की बीमा(या)रियो
ने भरपूर भेर भरा भय-कर
अब उससे ऊपर क्या होगा
ख़ाली कं-कर का अन्न-कर
gut के अदर जल-कर
दामाद तक पही पहुचेगा बल-कर
सुरग मे ही आयेगा उछल-कर
ज़ुबान पे मचला भरपूर चल-कर
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