मिले सुर मेरा तुम-हारा
तो सुर बने जहा(भरपूर)यारा
अदर दग्गियो का दवारा
निकला देश बाहर कुवारा
मिले न इधर उधर सहारा
कानो का कमरा कारा
मिले सुर मेरा तुम-हारा
तो सुर बने जहा(भरपूर)यारा
अदर दग्गियो का दवारा
निकला देश बाहर कुवारा
मिले न इधर उधर सहारा
कानो का कमरा कारा