भरपूर मौज मस्ती भरपूर आराम
आधा आस-पास ३ पहर परम पवन -ज्ञान
आधे न मिला दो दक़्त दा दिवा-ला दान
भरपूर मौज मस्ती भरपूर आराम
आधा आस-पास ३ पहर परम पवन -ज्ञान
आधे न मिला दो दक़्त दा दिवा-ला दान
पता तो पले नवाब ने नाम न नले
पेड़ो का भविष्य आज का शिष्य
काट के कारा गाठ गा गारा द्रिश्य
क्यो कही का भविष्य भरो
भरिया()ली का भिकता विश्या
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कितने दिन साधा साफ़ सिया
(भरपूर भहकाने मे भगे भो)
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as abov so b_low
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hol_on
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दाने दाने ले लिखा है खाने वाले का नाम
दाना-दाना तो गया मिट आ आधा ना()म
खोट खट खट खाया खाम
नीली नत ने नहाने नाला नाम
नीला
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1 ho_su_ _ruth cre_@ li_it_ess s_um_er 0 _ies
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हमारे पास रहने को नहीं छत
खुलेआम बैठे बोदी बना ()बत
दिन में इधर उधर डबाव डट
रात को क्या कहे करुणा कट
हमें नहीं चाहिए दूयीया की दडदूर दात
जो गोदी के दिन रात रुलाये अंदर ग्वाये गात
वो है अपने अदर भरपूर भू-बान भात
बांधो बोरिया बिस्तर आधे अत आत
आधे न निकले गोदी से बाहर बात
ढूंढते रह रहायोगे ख़ाली खो -रात
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