धोला – दातिया दी देर के सेर

a hu_an _if is ble_ing of _od _est_ow y in()id

u within surface breathing is s()all_ow s_ing

तूतू में में की बोली तुम्हारे भगवन का प्रसवाद है जो चुप-चाप हजम-बोला

अदर है एक मोल का रोला के अदर e-no

घोला और फिर बोला तूतू धुला धोला

मि(र)ची

घर की नज़र के बाहर तो भरपूर

मि()ची टाग राखी है

कान के छेद में क्यों नहीं डालते

आंखे तो बचाया ही लायेगी

कानो के छेद के अंदर

भरपूर भय के लिये

आ-स

तुछ मानस

मान सास फिर उपवास

तेरा दिखावा भरपूर वास

मा को लेके नस/नस का दास

गोदी के बाहर भरपूर जायेगा बिना त्रास