आज को अंदर गोदी का अच्छा-बुरा
सारा पता है ख़ाली बूंदिया ख़ाली
घरो में कुसकती नहीं है और
सास के दामाद को मर्द की ईंट मारनी है
अपने घर को अदर बाहर ढलते
आज को अंदर गोदी का अच्छा-बुरा
सारा पता है ख़ाली बूंदिया ख़ाली
घरो में कुसकती नहीं है और
सास के दामाद को मर्द की ईंट मारनी है
अपने घर को अदर बाहर ढलते
ख़ाली डंडे s_oon emptee
भरपूर _eeding
un()one every1
_eeding
भरपूर बा(द)जुयो में भरपूर दम हर आधा
जन्म में भरपूर जुयो को उड़ाते है
ज़माने को नज़र आया आज तक नहीं
ज़माने की आखे अभी व्यस्त है
कृपया थोड़ी देर मे समपरक करे
पिछले युग में भी पिछला ज़माना
आधा यहा लाना
eit()er y in()id u are ima_ing
pa_t or devis()ing fu()ur
y not for present
gut गोदी का नमक तुम-हारे
शहर का ज़हर हो गया जो तुम-टारे
जख्मो पे भरपूर छिड़कता है
तुम-हारी _ik और _ric से
gut गोदी _aise होगी दामाद को
इज़्ज़त करनी आयेगी
खुली आखो में
godi’ 🍏 _all
& भरपूर _ast he’ll
b_eak _all
gut nature’ गोदी गिरी होई che()s है
जो तुम नही उठायोगे
ज़मीन से भरपूर को
असली भरपूर के रग-रग छुपे है अदर मे क-भी
आधे को तो लगा अस्सी नब्बे १०० का धागा
भरपूर चूरा अदर खचा खच पूरा भरपूर भागा
घरो की खा(ली)यी दीवारे अदर के तुम को परेशान करती है
इसी लिए godi के ob_ect की चुपी को बदी बना के _ang कर दो
उससे तुम असली रहेगी भरपूर को तस्सली
अदर के मुखोटो पे भरपूर कालक पोत के
आयने की _if मे तो निखार छा जाता ही है
पर आयने के तल तक नहीं पहुंचता हा
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