a la_guage th@ _hich is pa_t 1 can’t lea_n
let u s_eak un-con_ciou_ly y-0-s in()id u e*press-i-on
ਮਾਂ ਬੋਲੀ ਨੂੰ ਤੇ ਮਿਟਾ ਹੀ ਦਿੱਤਾ ਨਾ
a la_guage th@ _hich is pa_t 1 can’t lea_n
let u s_eak un-con_ciou_ly y-0-s in()id u e*press-i-on
ਮਾਂ ਬੋਲੀ ਨੂੰ ਤੇ ਮਿਟਾ ਹੀ ਦਿੱਤਾ ਨਾ
आधे की ख़ाली आंखे श्राप है
अपवित्र असुर अदर के बाप है
इधर उधर के भरपूर आप है
बिन मा के बचे अदर के पाप है
आधे की ख़ाली ज़ुबान की साधना के अ()लाप है
जिसको सृष्टि गोदी की ख़ाली चुपी का एहसास नहीं
उसे अपने अंदर की शांति के परिश्रम का ख़ाली विश्वास नहीं
भरपूर सास के भरपूर दामाद के पास सब कुछ भरपूर है
बस नहीं है तो अच्छी in()id gut ख़ाली प्रकृति
जिससे सृष्टि गोदी के सुर अंदर ख़ाली सहज रहते है
y-0-s in()id u ar _h@ u eat
de_ire y-0-s hol _@_iety _eat
see_ing _eaning of _ife
with_ut _nowing _hat’s happening in()id _ome
airing adha one f_ag of भरपूर red _tation
b_inging in(out)id भरपूर _ation
___________
गोदी के सीधे नियम सास के दामाद को टेड़े लगते है
भरपूर ऊपर निचे के अदर पड़े सजते है
अदर बाहर टालो की तकरार तरते है
न डुबो तो बीमा(या)रियो की लाठी के मरद भरपूर अदर रस्ते है
सृष्टि गोदी में भरपूर ज़ुबान के ताले की चाबी को रजा नहीं मिलती
और फिर तूतू में में की 1 दुनिया तो भरपूर सास के दामाद की सजा पर ही टिकी है न
तो फिर काली माता की बाहर दरशाती लम्बी ज़ुबान का कोई लेना देना नहीं है गोदी से
यह तो भपूर दुनिया की बनायीं हुई दाती है जो भरपूर को असीसे देती है
8 _ill_on धढ़ कैसे टिक गये काली माता के गले में
और भरपूर का निवाला गले से नहीं उतरता
is y-0 detached
mae be b_eak or p_us in-between
y-0 _ar
_ho is _inning
an a_er-age 0 over_owering in()id y un_er-po_ering 0
तूतू में में की दुनिया के एक सत्य वचन के लिए में
सृष्टि गोदी के तत्व का त्याग अंदर ही कर दूंगा
यह अकेला ही खड़ा हो के ज्ञान प्रपात कर रहा है
कहा का
आधे ने चीटियों को न्योता दिया है
आयो रसोई में भरपूर माखन को चाटो
आधे तो चटाई पर हे चाटा है न
(nu_ella का ढक्कन खुला ही छोड़ दिया भरपूर आधा के काम)
बिंदी तो लगा लो बहुत जल्दी है न
You must be logged in to post a comment.