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शुन्य
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का-पता
तीनो लोक काँपते है
खाली वीर के आधा-आधे महा आम से
तूतू मे मे की दुनिया मे कोई नही एक का-पता
(काला-पता हो गया)
यैसे पूरा
अपवित्र असुर अपना ही नही मानते सृष्टि गोदी को
तो पूरा घर तो तूतू में में की पूरी खैर एक हो के खायेगा
यैसे ही तो भरपूर घर का खाते पीते है
लेकिन घर अदर खाली रहता है
n-o
y-0-s in()id u ने कभी en-o नही दि-खाया
इसी लिए en_oy भरपूर वास अदर ही पाया
कौन
dee_ c_ea_s
y-0-s in()id u के मे()मान आने जरूरी है
क्यूकि बाहर के मरदो के अदर आने से ही घर भरपूर साफ़ लगेगा
नहीं तो अपवित्र असुर दिन को जगा दे ऐसा तो कभी होता नही
तूतू मे मे की एक दुनिया मे कोई करता धारता नही

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