-or _id well

भरपूर आधा किसी को i_no_ नही कर सकता

या फिर i_nor ko को भी भरपूर अदर ही करता

और तो और


भरपूर आधा अदर b-or को ख़ाली नही भर सकता

श्री गाय()त्री

o सृष्टि गोदी की मईया


ख़ाली शुन्य हो पूर्ण विवरण की वर्णमाला के ख़ाली अक्षरों का धर्मा

mae aum()tea shunea is to()tal absolute dia lit

each breath’ mandala of all em()tee realms of em()tee being

hol 1 dark_ess e*pelling in(out)id purging

within aum()tea विद्या

जल-ला

भरपूर घर का अन्न इधर उधर भरपूर रुला रहता है


भरपूर घर के कचरे का ढक्कन भी खुला रहता है


उससे भरपूर घर का भगवन भी भरपूर धुला रहता है


कोई क्या करे गोदो मे भरपूर घर ही भरपूर जला रहता है

भरपूर मौका

ख़ाली बच्ची को घर के इधर उधर अदर के कचरे मे झोंका

मा-बाप को घर की अदर की सड़को का भरपूर धोका

अपवित्रता की उमर ने दुनिया का एक ना भरपूर रोका

सदियो से चला आ रहा पर-परा का भरपूर मौका

बल खा

एक सबक तो ज़िन्दगी के रिश्ते ही अदर सिखाते है
उससे बाहर के रिश्तो को क्ष-मता रहती है


एक हमसफ़र होतो ज़िन्दगी की दगिया निखार जाती है
लेकिन हा भरपूर जन्मो का साथ नही तोड़ती


चलो मान लो कोई नही सता रहा
फिर अदर ही क्यो तूतू मे मे का भरपूर एक बल खा रहा

बन गया

तूतू मे मे की दुनिया का एक तो मा-बाप को भरपूर सीख दिखाने के लिये पैदा हुया है


उससे अदर का भरपूर मा-बाप बन ही जाता है