o*()gen

ईत्नि मुश्किल से गोदी के पूर्ण पेड़ो के प()चे
प्राणवायु(o*()gen) का आतम-निकास पार पड़ते

उससे भी दुगना असुर घर को अदर बाहर उजाडते

१ दुयीया की हव() की आग मे ()मीन का पा() पना पास-मान

def_nit_ly 0 co_su_ming असुर

0 c_an_

1 wor_d _ews _us o_er_owe-ring
eve_y1 in()id gut
0 e-c_ip-s()s di_empo_ering
in()id _ut

गेरी गाठे गा गठ गयी

मेरी ज़िन्दगी कब बदलेगी
जिन-जिन जी दगी

फुल फा फिम फिम

अ-ढी

गोदी में केंगति है काली कीड़ी
दुयीया मे उड़ती है पडपूर पीढी
तल तट तो ताल तीली तीडी


गोदी की ज़मीन पे सजती है शांति से अरथी
तल तट के रथ को न मिली अ और ी त()रथी

gu_sy

हाँ लो लेने लायो

आधा gut को आधे से दु()मनी

ख़ाली मन की दुआ अंदर ई की शनि

ख़ाली मणि दुश()वार ध्वनि