-वा(कम)ायी

सास की भरपूर आखो को म()दरमा घटता बढ़ता नज़र आता है
यह नहीं पता गोदी में एक-एक सूर्य भी एही करता है आधा दिन के अंदर


तुमहारी दवा की भरपूर आयी तो सास को gut के अदर गला नही सकती
तो क्या दवा को red भरपूर gala _ut करेगी
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बाहर भरपूर कामो के लिये उत्सुकता से उकसाते है
और अदर बचो की भरपूर वाट लगाते है
बेटा हम भी ऐसे ही पले बड़े है
भरपूर घर तो ऐसे ही एक भले भै
ख़ाली घर में क्या दीवारों से भरपूर सर फिरोयोगे
सास के अदर एक एक कैसे अड़ा-योगे

@_act i-su_ed

@trac_ing क()मा wor_t ho_er
_itting y-0-s in()id u वेहला to_er
भरपूर घर के आम बेकार
सास भागे बाहर तकरार
घर है पूरा ऊर्जा of -un
अदर बिठियायो भरपूर -on

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तुम-हारी सास की अदर-बाहर की भरपूर तूतू मे मे ने गोदी को लूटा
सास का भरपूर दामाद आहा है लूट
तुम-हारी दुनिया मे एक-एक की बीमा(या)रियो का भूत
आधा जनम धोये फूट


सास को बद(या)लोगे या बद-ला लोगे
neither 0 सास रो-गोगे


भरपूर ऊर्जा को छूत की बीमारी होती है अब क्या आये छूटा ना छन-दर छही छाये
li_ing _ell in()id u _ol y-0-s s_ell

he(weillage)al-thy

y-0-s in()id u a_way _ets in y _ae _y a_using ever-y1′

bodi-mind har_on()i in()id u


y-0-s in()id u suf_er-lo _ring in()id ever-y1 un_er on _tick


an e*mpt_ ve__el _ach _ost nois

ख़ाली मटकी शोर मचाती मा
और
y-0-s in()id u ()estle _ides _ol 1 _ir_y pois


u _oint it _out poin_ it u do-u_t

a y-0-s in()id _or_man _lames u _ools

nit-वचन

जब जागो तूतू मे मे की दुनिया का एक लूट(ये)रा अदर ही लूटे रात का अधेरा


सौ सोनार की, एक लोहार की
ख़ाली लोहा सौ सोनारो का एक एक अंदर ही काटेगा

एक सोनार की, सौ लोहार की
दुनिया के अदर एक भरपूर का सोना सौ लोहारो को अदर ही बुझायेगा


बाहर आप कह के बुलाते
पाप अदर नही छूटे भरपूर लाते


एक हाथ से ताली नही तलती ता
हा तो दुनिया की भरपूर श(य्या)पथ एक सास के
साथ से ही ग्रह()न बही बरते बा

_ro_er-b

घर का कैदी अदर लका लाये
कला भरपूर भरी दुनिया अदर भाये

सास क्या जाने अदर-रक के रुके का स्वा()द

कल न पछताये आज पुछाये क्या हुया जब ठोड़ी ठग गयी अदर ठेठ ठाय

लाठी भाई अदर बाटी
तो इद्री हठ अदर भरपूर आती

भरपूर तल के ९०० ताल खुजलाये अदर एक बल बाये

ਡਾ-ba

जब सास के अदर के काम कम-जोर है

तो बाहर भरपूर काम ढूढती आखे भरपूर मु()ड़ा _or है


o babi baabi baaaaabi

बच्चे क्या शरीर होते है इधर उधर उछाले अदर उछलते आ


भरपूर भछाल भय

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ਡਗਰ ਅੰਦਰ ਹੀ ਡਡੇ ਡਾਇ ਡਾਡੇ ਡਾ