घुट यहसूस

किराये के घरो मे शरीर क्या खरीदे होते है


तक(दी)रीर कैसे खरीद सकते है जो आधा जन्म की बद()लत है


सास तो शरीर का मर()वीर बेच के भरपूर सोती है ताकि रात की

घुटी बात का बुरा भरपूर दामाद को दिन मे न यहसूस हो

हाथ जोड़

अच्छा अच्छा इसीलिए हाथ जोड़ के

खड़()पूर ही खड़े खाते खा

तुम्हे पहले ही y_ar_ing दे देते है


तुम-हारा भरपूर ह()हारा इधर उधर का

भरपूर बिगाड़ बही बाता


fu_l _oon की जोड़ी जा


एक-ing से बनायी बा


_ull _ur(re)vive o करेगी दुनिया के

एक-एक का ()जा

भय-कर

सास को अदर की इधर उधर की बीमा(या)रियो

ने भरपूर भेर भरा भय-कर

अब उससे ऊपर क्या होगा

ख़ाली कं-कर का अन्न-कर

gut के अदर जल-कर

दामाद तक पही पहुचेगा बल-कर

सुरग मे ही आयेगा उछल-कर

ज़ुबान पे मचला भरपूर चल-कर

धड़ निवा सूर

भरपूर सास के घर का अनपढ़ नही पड सकता ख़ाली अन्न का धड़-धड़


तुम-हा-रा सास की भरपूर भक्ति का एक निवाला
अदर नही लाया भू-ताला
निवा रह गया मोह-भाया का जाला
इधर उधर बिछाये उचा भरपूर भाला


तूतू मे मे की एक दुनिया के समाज के कधे तो काम-जोर भरपूर है
तो अदर भी तो टके-टके बधे सासो के भरपूर चोर सवा-सूर है

उ-गर

अदर के कम-रो के क()मो को भोगने आये हो
अदर के बाहर

तो की सृष्टि गोदी के अंदर को रोगो गे

सास की अपवित्रता से असुर

तुम(अदर)हारी की भरपूर कर-तू-तो मे का प-रदा

भरपूर मा-बाप से छिप सकता है

गोदी की ख़ाली आहों से नहीं

थे-हो दौड़ साया

तुम कल भी बे-गाने थे
तुम आज भी भ-गाने भले हो
तुम कल भी बह(ी-खा)ने हो


अपवित्र असुर घर के अदर दिखावे के लिये
कमी-ने एक-एक के लिये भरपूर स(द)ड़के है



तुमने आधा जन्म को दुनिया के अदर-बाहर एक-बना दिखाया
दुनिया का अदर साया भरपूर सर-माया पूरा चढ़ाया