अब सृष्टि गोदी में मईया ने खुद बाल शुनया बिंदु
को माखन खाने खो खिला ख़हे खा
तो भरपूर भ()ल-ज़ाम तो सास की तूतू मे मे ने
अपना भरपूर सिद्ध करने के लिए लगाए ला
अब इस सास सो सदगे इधर-उधर के ख़ाली डंडे
ना भूले भाली भेहेर अदर-बाहर भरपूर भंडे
अब सृष्टि गोदी में मईया ने खुद बाल शुनया बिंदु
को माखन खाने खो खिला ख़हे खा
तो भरपूर भ()ल-ज़ाम तो सास की तूतू मे मे ने
अपना भरपूर सिद्ध करने के लिए लगाए ला
अब इस सास सो सदगे इधर-उधर के ख़ाली डंडे
ना भूले भाली भेहेर अदर-बाहर भरपूर भंडे
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y-0-s in()id u की ज़ुबान का खूले(आ)आम सरपूर साड़ा
तूतू मे मे से लड़े लरपूर लारू लाड़ा
दिन-रात एक आरे-आ-अदर भीड़े भाड़ा
जो लड़े सो मरे न उतरे क्रीड़ा करपूर काड़ा
0 दर-डर
घर के अदर एक एक का मुह-खोटा भरपूर उजारड़ते आ और
बाहर उजड़े हुयो हा एक-एक मुखौटा भरपूर पहनते पा
अदर एक एक के ऊपर पूरा _go _ub झाड़ते झा
और बहार एक एक से डरने के हज़ार मुखोटे अदर मुह छुपाते छा
ठेके
भरपूर सास ठेके तूतू मे मे समाज सेके
और भरपूर भौ()त गोदी के भरपूर भेके
यह क-मायी तो भरपूर भधायी आधा जन्म जाड़ा जेके
दिन में न भरपूर मौत से डरे
इसी लिए सास रात को ही भरपूर सर सड़े
u _ar pa()ent
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in-su()red dis-eases _@ient f_iend_hip _ut
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y-0-s in()id u s_able p_@fo_m bui_ding out()id s_ag_ant _ife
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तुम-हारे अपने अदर आधा जन्म की सास दगी भरपूर भर डकैत डाके
फिर दमाद तो भूले भटके भाटा के ज्वार जाके उचा आखे
ठाठ बाठ पूरे आठ
अदर भिड़े भरपूर जूठे जाठ
भात भात के भिरे नर नाठ
धरो भरपूर धत धत धेरे धुली धाठ
पढ़ाई का बल मत पढ़()आई
और सास का दामाद कहा गया है धरने
i को बाहर खरीदने खैर खाते
भरपूर भक भर अदर भय-लाते
एक-एक ना समझ बाहर बाते
पूरे पैर पड़े ना इधर उधर प()ते
परपूर पढ़ पिगला गला गाते
अदर के भरपूर द()र घिन-घिन भाती
भरपूर उछाल गन्दगी बाहर भर-माती
तूतू मे मे दुनिया भर ऊपर से बाहर बढ़ बा-ती
पड़ पड़ परपूर पेट पूजा प-डार पाती
o_ening an em_tee _lack u_b_ella in()id _ill _ring
y-0-s _ad _uck th@ s_a-y-s ne_er _uch
for()ver u in()id _uch
is y lea()ning _as no wit_in tu()ning
_h@ do()s th@ _ook _ik in()id chu()ning
le_arning urning
जब सास के दामाद अदर नही दफा
तो दिखावा का भरपूर मुखौटा बाहर खफा
किसने वेखा ऐसा भरपूर भोटा भफा और सोटा सफा
तूतू मे मे को बहुत चोट चाटती च ख़ाली खोट
चुप रहने से ना भरपूर तूतू के जखमो को मा-रहम मै मिला
इसी लिए अदर की तूतू को ऊचा मे चिल्लाना जरूरी बाहर मै-जिला
भरपूर शोर मचाये रहम बाहर बिकवाये बिला
भरपूर प्यार से भरपूर इत्मिनान मे घर के अदर की शाति को
भग करके गहरे जखम जड़े सास के दामाद के दगो का दारोमदार
तो बाहर कौन सी भरपूर भाति की शाति का उपचार ढूढे
सास के गाठो के कधे न गोदी के चार मीनार
घर के अंदर नहीं ख़ाली इ()वार तो अंदर ही मनायो
माली हालत की मैली-सास मुहूर्त त्यार
(दफ(ना)तरो के काम भी भरपूर भा()ति भे दफ़न दाते द-यार)
सास के दामाद मे भरपूर f_ood_ate कब घुलते घा
जब बीमा(या)रियो का gut बीमा के तलो तो यार-या-यटा
*pyre होता सार-सा-सट्टा साता सा
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