y _ach 1 _it up
w_en do_n is 0 _ae _ach-up
is th@ _lee_ing _up
Category: y-0-s unkno-n
y-0-s * fac_er
is th@ co_s_i()ous in()id li_ing
&
w_at out _ro_ing
su()s_ain-abl _aving
माया()माया
u _ink
y-0-s in()id ca_ _am माया
go do_n a_ead साडो up सरमाया
आधा आधा न गिराया
इधर उधर डगमगाया
दिनो दा दावेदार जग-गाया
रात शानदार शुगल शरमाया
मै वारी आयू तू शरम-सार साया
1 sa_i()
_uch kin_ is y go_
0 t_ank in()id 1 lor_
_eck nec_k in()id s_ord
& _ish go_ ho_ hoar_
_es that’ chan_
a pro-f_und inनर 1 _hang
&
ro_ling 0s in()id wit_in
ho_sum 1 ran_
y-0 @_ir _atch 1 mo*ie de_ir
le_ us _av _um fu_ wit_ it is hol_um ever-y1 of us
पार पहरा
बहार के मरे हुए को कैसे मारते है
क्यो कही कुनते को
जैसे अदर के फिरे हुये सर साडते है
मुये मरे हुये अपने आप वारते है
कैसे कहते करते को
कहा की क्यो कही
भरपूर ड()र को सुरक्षित करके लोटता है
आधा जन्म सासो की एक दूयीया इधर उधर
बसने के लिये
ever-y1-thing co-me to _hose _ho _ar wai_ing
_ar u 0 in()clu()ded out in_ading
0 _hang *citi-ng ran_e r@ing
एक समा()ज
कल के समाज के मा-बाप अपने बचो को अपने
समाज के सिखाये हुये एक नज़र से ही देखते है
पर क्यो कही की करे
घर के अदर की गाठो का
एक-एक आज के समाज का सिखाया
भरपूर _ach fa_
or el_
ever-y1′ in()id 0s _eep
b_ea_ing re_ring in()id _it ‘
pa_s s-a_m _ag
दिन उजला नेक
क()मो का इधर-उधर का किसब-हितब
किसे याद है सही साल तही ताल
ਮਾਏ ਮੇਰਾ ਮਿਰ
ਨਗਾ ਸਰ ਲੈਕੇ ਪੈਰਾ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਤੁਰਾਨ ਲੈਨ ਜਾਊਗੀ
ਤੇ ਜੂਯਾ ਤਾ ਟਗਿਆ ਟੀ ਟਹਲੂ ਟੀਯਾ ਸਾਰ ਦਿਨ
ਸਫੇਰੇ ਸਫੇਰੇ ਸਫਰ ਸਿਰੇ ਫੇਰੇ ਸਾੜ ਸਾਦ ਸੇਰੇ
ਕਿਊ ਕਹਿ ਕਲੇਸ ਕੁਤਰੇ ਕਰ ਕੁੜ ਕੁੜ ਕਦੀ ਕਤਰੇ
ਤੌਰ ਤਿਲ ਤਾਲ ਤਾਹੀ ਤੇਰੇ ਤਤੜੇ
दामाद देन दया दा
मीठे स्वाद का तो भरपूर पता है
यह नही पता अदर कितने समाज
के रिवाज का सवाद सिरो
सले सातो सी सत्ता साज
१ सच मीठा बाहर अदर कडवा क्यो कही कोटा

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