ख़ाली सूर्य की गर्मी से पिघला
जिन जिन आँखों ने सांसे ऊ-गला
हमारी धारो ने आस(ख़ाली)मान खि()ला
गोदी के मज़धारो ने ज़मीन ज़िग()ला
ख़ाली सूर्य की गर्मी से पिघला
जिन जिन आँखों ने सांसे ऊ-गला
हमारी धारो ने आस(ख़ाली)मान खि()ला
गोदी के मज़धारो ने ज़मीन ज़िग()ला
आने वाला है ख़ाली कल
बने आज का ख़ाली जल
गोदी में ख़ले खरूर निर-जल
बूँदिया अंदर आरे ऊज्ज़वल
सृष्टि मईया की
शक्ति को दबाते हो
तो गोदी बत्तियायेगी
बैठा है आधे समाधी में
होती है आबादी
आधा आधे
ख़ाली आदि
an em_tee temple within darcness is aum_tea ample
गोदी को है इंतज़ार
तो सोयो सारे तरो त्यार
बुँदियाँ बादशाह बढ़ा बहार
दिन रात खिसके ख़ाली
ओहि आम आरा आहार
अब गोदी मे तो आँखे
बंद बरके बैठना बढ़ता बा
खुली अंदर रखोगे तो
पौधे पड़ने पगते पा
सांसो की बलि ऐसे सोती सा
शिशु के आते ही ख़ाली आहट आती आ
आधे के पास पडपूर पैसे पही पा
गोदी की ई()जत सुरक्षित साक्षी सा
क्या कही
मोरी मईया मेहदी अब आधे जगईआ जाओजी
आधे आन ओ()या आधा ख़ाली खान खोया
गोदी के पास न आस है न पड़ोस पा प्यास
रिर्फ़ आधे ख़ाली रास
हमें ख़ाली खर खे खहुत खहर खचता
तो देखो दोन दोला दचता
आधा मंडोला मचता
हमारे अनुभव की गहरायी ने अड़ाया आरा
जो आगे हुआ ख़ाली पीछे भी जवां जाली जारा
ख़ाली नज़र ख़ाली खाम खमा खैर खारा
हु हु कुम कुम
गोदी जहां-आरा खुश()स्मत खमारा
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