अब गोदी मे तो आँखे
बंद बरके बैठना बढ़ता बा
खुली अंदर रखोगे तो
पौधे पड़ने पगते पा
Category: within
आ-हट 8
सांसो की बलि ऐसे सोती सा
शिशु के आते ही ख़ाली आहट आती आ
आओ अधारो
आधे के पास पडपूर पैसे पही पा
गोदी की ई()जत सुरक्षित साक्षी सा
क्या कही
मोरी मईया मेहदी अब आधे जगईआ जाओजी
आधे आन ओ()या आधा ख़ाली खान खोया
ख़ाली खास
गोदी के पास न आस है न पड़ोस पा प्यास
रिर्फ़ आधे ख़ाली रास
मंडोला
हमें ख़ाली खर खे खहुत खहर खचता
तो देखो दोन दोला दचता
आधा मंडोला मचता
हमारे अनुभव की गहरायी ने अड़ाया आरा
जो आगे हुआ ख़ाली पीछे भी जवां जाली जारा
ख़ाली नज़र ख़ाली खाम खमा खैर खारा
हु हु कुम कुम
गोदी जहां-आरा खुश()स्मत खमारा
a b beat
an em_tee b_eat_ing ob_ec_ive is wiw o _o()tal _i_ence
गोदी बंधे
आधे की मईआ की गोदी के ख़ाली घर मे आधे
खाली म()की
खाली मटकी तो ख़ाली पानी के
पार से ही पूट पई
इधर उधर ख़ाली बह गया
गोदी दिन ख़ाली देह दिए
शाम श()माये धार धाली धमाए
आली आली आया
एह ऐसा आधा
अंदर-बाहर ख़ारा ख़ाली खाआ
आधे अदाआ आद-()नाद आत्माआ
सदिओ सदा स्माधि सुला सिधाया
s_eal_r
_oon to be _eal_r
_oon un_eal _heel_r

You must be logged in to post a comment.