टिके कान

भरपूर नाम बुंदिया बद का इम्तिहान

सांसे टिकने ना दे ज़मीन पर

टिके भारी इंतकाम

न लाये कोई ख़ाली मकान की पहचान

लकीरे है भरपूर लाभ की लम्बी लगाम

अंत कल कालीन

अब बतिआयो

कलयुग का अंत कल होगा

के आज कल भी देख गया न

नज़र गिराया हिसाब अंत भी

न जाने कल क्या होगा

नवाब का राज

आज तो शुरू करो

ख़ाली अंत का ख़ाली साज़

ਪਈ ਪਾ

नमक सब-जियो की यारी को गला देता है

गले के अंदर सारी सब ज़िया गुजर

जाती है आराम से

उससे gut के अंदर के भरपूर जी कब

तक पक्के रहते है

ਕਾਲਾ ਜੀ ਕੱਚਾ ਕੱਚਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈਨਾ

ਸਬਜੀ ਨੂੰ ਫੜ ਲਿਆ ਅੱਗ ਨੇ

ਜੀ ਜੀ ਦੀ ਪਈ ਪਾ