an em_tee
_ual _word is
to()tal _harp
pro()e_cting wit()in
_ap of gut nature
to()tal wiw o
_arp
an em_tee
_ual _word is
to()tal _harp
pro()e_cting wit()in
_ap of gut nature
to()tal wiw o
_arp
तूतू में में की दुनिया तो भरपूर
दुरभाग्य की बदौलत ही
पूरी बद की दौलत है
gut गोदी में ऐसी दो-लत ख़ाली है
for u _an nei()er i()nore
n-or _un-ish bharpoor be()or
th@ _ook in()id un-o()n _oor
रात को दिन बना रखा है और दिन मे ही बाहर निकलते है न
भरपूर दुनिया भी निकलेगी ब्रह्माण्ड की रात के अंदर
१-१ कलयुग मे ऐसा एक कही कई बार-बार को लेके आता है
ac_ing em_tee nothing un()a-ranted
&
_eep _illing ever-y-thin_ भरपूर _ran-ted
आधा बीमा()मुक्त करके आधे ने की ख़ाली
अंदर की भरपूर मज़बूरी नही पूरी पारी
आज के अंदर नही कमजोरी भरपूर है ख़ाली जोरा जोरी
साँस मे gut गोदी घुले ऐसी सुन्दर चोली की चाली चोरी
ब्रह्माण्ड भी खींचे लकीरे भोरी ख़ाली भोरी
ख़ाली धुन से धार धरे ख़ाली खतवाली
भरपूर दुनिया में ख़ाली माँ का खड़े होना
कोई सरूरत सही है
बैठी gut मईआ कितनो को नज़र
अंदाज़ करती है
gut गोदी में
बहुत ही भरपूर भारी आम दिए है
gut मईआ ने आधे को
देखो भारी होता है कब आधे
एह तो हो ही नहीं नकता
ब्रह्माण्ड के gut में जाता है आधे भोग
सारा
ਪਤਲੀ ਪਤੰਗ ਪਿਆਲਾ ਪਲੰਗ ਪਾਲੋ
ਪਾਰ ਪ੍ਰਵਾਹ ਅੱਧੇ ਪਿਰੰਗ
a wit()in _ap’ to()tal to_ch of to()tal माँ nature’ ()ut
an in_ivi_ual wi-thin chi_d has
no 0 i_enti-tee
भीगी बिल्ली तो सारी है गोदी के ख़ाली आम-आम की
सूखे तल तो भरपूर को सूखी मौत ही देंगे हर सास के
अंदर के इधर उधर और बाहर के इधर उधर
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