ख़ाली पटकेंगे

भरपूर आधा अपने अंदर के ख़ाली आधे

का भरपूर दु(हाई)मन दश दश है

इसे गोदी के फाटक से फटाक लातके लगेंगे

तभी भरपूर भूत अंदर के फाटक

ख़ाली पटकेंगे

नहीं पता

जब ख़ाली डंडे ही असुरो के भरपूर का

कुछ बिगाड़ नहीं सकते तो

ख़ाली आधा तो गोदी में डूबा हुआ है

तैरना नहीं आता

आधे को तो एह भी नहीं पता

बूंदियो की सा(हा)या(आ)ता होती है

gut गोदी में पता नहीं

कहां बहती है बूंदिया