ख्वाबो को आगे लाने वाले
नवाबो के पीछे भले चलने वाले
सास के अदर ही भरपूर ढलने जाले
बाहर क्या है अदर ना भूले ताल के
भरपूर मतवाले
ख्वाबो को आगे लाने वाले
नवाबो के पीछे भले चलने वाले
सास के अदर ही भरपूर ढलने जाले
बाहर क्या है अदर ना भूले ताल के
भरपूर मतवाले
आज ही क्यों खराब होना था
इसे किसे
असुरो के gut को
इतनी लम्बी लाइन
आधे को कितना पीछे धकेल दिया है
आधे का शरीर तो ख़ाली है
आधे क्या मल- मूत्र ()urge करता है
इनको तो नींद मैं भी पता चकेगा
नहीं
&
re()_oom तो साफ़ है
पर नींद तो वासना की भूख से भरी है
एह तो दिखावे का तल निवाला है



an aum(p)tea deli(pre)cious ripened within vine ~




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