gut मईआ ने आंखे बंद किते ही
सास को पल-पोस
के बड़ा कर दिया और सास की
आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म
की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये
फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा
तेरा भरपूर ख्वाब
पभी पूरा पो पाया पय
gut मईआ ने आंखे बंद किते ही
सास को पल-पोस
के बड़ा कर दिया और सास की
आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म
की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये
फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा
तेरा भरपूर ख्वाब
पभी पूरा पो पाया पय
a hi_hest full_ess _eak of
one in()id kal–uga,
a str8 _all to_ard
em_tee _ual
_round
un()on u-ga
an em_tee
_ual _word is
to()tal _harp
pro()e_cting wit()in
_ap of gut nature
to()tal wiw o
_arp
आधा बीमा()मुक्त करके आधे ने की ख़ाली
अंदर की भरपूर मज़बूरी नही पूरी पारी
आज के अंदर नही कमजोरी भरपूर है ख़ाली जोरा जोरी
साँस मे gut गोदी घुले ऐसी सुन्दर चोली की चाली चोरी
ब्रह्माण्ड भी खींचे लकीरे भोरी ख़ाली भोरी
ख़ाली धुन से धार धरे ख़ाली खतवाली
भरपूर दुनिया में ख़ाली माँ का खड़े होना
कोई सरूरत सही है
बैठी gut मईआ कितनो को नज़र
अंदाज़ करती है
gut गोदी में
बहुत ही भरपूर भारी आम दिए है
gut मईआ ने आधे को
देखो भारी होता है कब आधे
एह तो हो ही नहीं नकता
ब्रह्माण्ड के gut में जाता है आधे भोग
सारा
ਪਤਲੀ ਪਤੰਗ ਪਿਆਲਾ ਪਲੰਗ ਪਾਲੋ
ਪਾਰ ਪ੍ਰਵਾਹ ਅੱਧੇ ਪਿਰੰਗ
y in()id u _ail-()ae’ d()ied-()ut gut nature’ ()i-ver
is _ol sigh() y _eeing re()u-ve_ate
u s()iver
a wit()in _ap’ to()tal to_ch of to()tal माँ nature’ ()ut
an in_ivi_ual wi-thin chi_d has
no 0 i_enti-tee
भीगी बिल्ली तो सारी है गोदी के ख़ाली आम-आम की
सूखे तल तो भरपूर को सूखी मौत ही देंगे हर सास के
अंदर के इधर उधर और बाहर के इधर उधर
be silent for()ver
th@ _hich is _ast _ive to
_eep d_ing for s_eaking
_out _i-ver
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