y in()id u _ik un()not reach as_(*)pi()ed s_ate
for g(ut)_oree is em_tee of wiw o nothing
y in()id u _ik un()not reach as_(*)pi()ed s_ate
for g(ut)_oree is em_tee of wiw o nothing
द्वापर युगा
आधे-आधा
half within emptee
half within full in(out)
nothing is without
godi’ to()tal out
ever–thing need em_tee
in()id s_ort & s_out
ख़ाली gut()माँ की इज़्ज़त नहीं नरते
और भरपूर मा-बा भरने का ख्वाब बुनते
है के बचो को भी भरपूर भीखाते
बही-खाते भरपूर दिखाते
a 9 sti()ches c()aving 9 time
for 9 is absolu()e
no()thing 9ime
sim(pal)ba
जितने मू उतनी जू-बाते
काग काया कालक न ख़ाली राते
चा()दनी की भरपूर बरसाते
आयना न देखे मुखोटे भरपूर सजते
भूले भले न ख़ाली रहते अंदर रखते
भूल जायो आधे देस
ऐसा बदला नही वेश
क्यू ढूढे भरपूर सन-देश
गोदी को करे कैद भरपूर भेस
y un()not u _ear
g(ut)odi’
si_ence
आधे की बंद आँखों की नुमाईश की है फरमाईश भरपूर चाहे एक ख्वाईश
असुरो को ख़ाली बिठा के अब बांधे है गोदी मे समाने की गुंजाईश
अब क्या वा()धे के आधे से शा(त-ब)दी करोगे
फिर उलटी टांगे डालेगी भगड़ा गोदी के आसमान मे
hang_ed _an
दुनिया की एक सास का वास
नही शामिल गोदी के अंदर का उपवास
ख़ाली हो गोदी का सारा निकास
आधे की एही प्यारी प्यास
कब खुले बूंदियो की ख़ाली आस
You must be logged in to post a comment.