ever-y-th()g _eep _oing
1 done un()not _eed emptee
in()id un()1
no 1 _ae for gut nature
godi’ emptee
un()1
ever-y-th()g _eep _oing
1 done un()not _eed emptee
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no 1 _ae for gut nature
godi’ emptee
un()1
असुरो को मा-बाप कहते भरपूर शर्म नहीं
आती जो खुद के आधे बच्चे का गला
घोट के आधा that which is pa_t one
_eep _ive एक ऊंचाई के लिए रखते है
भरपूर को पेरो पे खड़े होना है
(क्यों खड़े होना है जब आधे
बच्चे तो गोदी में बैठे रहते है)
गोदी का अन्न खाने से बीमारिया लगती है
और बीमारिया का सफाया
करने के लिए भरपूर तल की कमाई चहिये
आधे बच्चो को पालने के लिए
भरपूर कमाई चाहिए
अब भरपूर तो घर लोट(ता)ा नही
तो इसका बल मत ईंटे भी पक्की
साथ ही पलटी है
कच्ची अलग
y in()id u @_ar
भरपूर _had_ow_
a gut nature godi’ obje_t _ive
to()tal ()espect to y in()id u
_ang an o_ject for y f_ee _ill
_hoice is _not an o_tion for
godi’ a_fection of o_ject
—-
an emptee being nothing
neither aiding
ch()ices or cha()s
आधे को भरपूर से सीधी all-er_y है
इसी लिए आधा पास में फाटक नहीं बनाता
_ail को तो उड़ना ही है
ख़ाली लसता नही स()लेगा
चब तुलो
gut गोदी के ख़ाली समय की
कक्षा में हर साँस देरी नहीं करती
बिंदी में बूँदि मईआ समाएगी
ख़ाली घर में आधे गाएगी
आधा ख़ाली जागएगी
रात-दिन शाम को बहकाएगी
आधे देवी के लिए भरपूर ख़ाली गुफा
असुरो का भरपूर वेहला-पन न
gut गोदी से दफा(नाया)
का वफ़ा
for a-lon u save individual gut()all
&
let gut alone mother nature’ within child
bec()me an emptee individual total()all
within godi of gut nature’_al
भूमि के आधे बच्चो की जुबां खींच के
रखी है एक सास भरपूर मे()मान के
गम का भरपूर ल-गान
इससे तो
गोदी के फूल ही चुप चाप सहते है
सास की भरपूर कैंची के कट
स-जाते है भरपूर
घरो के भट
एक सास अपने भरपूर मरे हुयो को देते है
इज़्ज़त c()me()er-y के ख़ाली घरो में
कैद कर के को नहीं मालूम क्यों नहीं होती
ceme_ter_ घर के अंदर चलना तो
पड़ेगा थोड़ी दूर को तो दर्शन हो जाये
जन्म दिन के साल में एक बार पर मौत
तो आधा जन्म को एक हे बरी मिलती है
और उसके बाद भरपूर भरा भूला
पूरी सास का एक एक कदम का
सारा दाम
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