सृष्टि गोदी की ख़ाली ज़मीन में
आत्मा(तत्व)शक्ति की जरूरत ख़ाली सांसे
अंदर-बाहर धहलती धारे ख़ाली झांसे
इधर-उधर अटकाए ख़ाली फाँसे
टेक टिकाएं दाएं-बाएं ख़ाली दिलासे
सृष्टि गोदी की ख़ाली ज़मीन में
आत्मा(तत्व)शक्ति की जरूरत ख़ाली सांसे
अंदर-बाहर धहलती धारे ख़ाली झांसे
इधर-उधर अटकाए ख़ाली फाँसे
टेक टिकाएं दाएं-बाएं ख़ाली दिलासे
adha janam _as to()tal no()thing to _ae
wit_in _ap of _a_ure 0 _ae
सृष्टि मईया की गोदी अंदर आधे
ख़ाली महा(अनु-आन)बारक
०५=५०
ख़ाली चठ-बठ
ख़ाली आधा जन्म सृष्टि गोदी के अंदर दिन आधे अंदर रात
ख़ाली साँस n()w to()al आधे अठ अट अट
० नव-शिशु ५ इन्द्रियाँ _ut गोदी ख़ाली खट खट
काल के ख़ाली पुतले काला-काली कुल कठ कट कट
आँगन में बलाएँ बूंदियो की बठ बट बट
y-0-s in()id u _its _ar ne_er _out _it
भगवन को दुनिया के एक नेक के अदर की भरपूर बत्तिया बहुत भाती भा
गोदी का अँधेरा तो ख़ाली खलता भूर भागता भग भग
here is no qu()s_tion of
either jo_ning or s_epara_ting man-y _aes
u _ae be here for su__ime
t_ough 0 in()id u here for
total _ut _ime
here’ no_ li_mit _h@’ out t_ere
& _am _oes y-0-s in()id u s_are
गोदी के इधर-उधर तो शनि-यम मंड(ल)राते मा
पा-ताल लोक तो गोदी के अंदर ही है हा
ਅਗ ਅਗ ਕਰ(ਜਾ)ਜੀ ਭਰਪੂਰ ਭੈੜੀ ਤੇ ਭਾ(ਤਾ)ੜਦੇ ਭਾ
ਬੋਲਾ ਨਾਲ -ਬਾਨ ਨੀ ਬਲਦੀ ਬਸਾ ਬਰੇ ਬਰਦੀ
ਬੀ ਬੀ
an in()id u _av _earn_d 0_ing _ill _est u out()id 1 _t_ing
क्षमा मांगने मे माँ-बच्चे का क्ष बचता मा-बा
सृष्टि गोदी की माँ क्या लगती है तुम-हारी
जब भरपूर मा ने तुम्हे कोई सजा नही दी घरपूर घर को दुनिया की रजा भा-रायी
(मा-बा की आखो को तो सामने-आमने ना नज़र आया तूतू मे मे का भाया)
जो अपने एक को दुनिया मे ऊपर चढ़ाने के लिए कितने को निचे गिराती गा
धर-मो की बटी फ़रियाद ना धिक्कारे अदर एक बरपूर बुनियाद
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